
लखनऊ, 7 सितंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सहारनपुर में प्रशासन द्वारा मस्जिद गिराए जाने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक वातावरण तैयार करती है।उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत भाषणों और बयानबाजी से होती है और बाद में उसका असर राजनीतिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई में दिखाई देता है। उन्होंने लोगों से ऐसे माहौल के प्रति सतर्क रहने तथा सामाजिक एवं लोकतांत्रिक एकता के पक्ष में खड़े होने की अपील की।
सोमवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश किया जाएगा। नदी के किनारे उनका स्मारक भी बनाया जाएगा। उन्होंने कुशीनगर, संकिसा और सारनाथ सहित भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करने की बात कही।कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाए जा रहे वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल समाज और जनकल्याण के लिए होना चाहिए, न कि भ्रामक एवं नकारात्मक राजनीति के लिए। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक प्रचार के ‘मेकअप’ पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और सामाजिक माध्यमों तथा रील्स के जरिए प्रचार किया जा रहा है।
अखिलेश ने महंगाई, बेरोजगारी, निवेश और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण का आरोप लगाते हुए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण दिया और कहा कि परियोजना समय से पहले पूरी होने पर बोनस दिया गया और बाद में दूसरे स्थान का ठेका दे दिया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए हो रहा है। जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने पीडीए को सामाजिक न्याय का गठबंधन बताते हुए आगामी चुनाव में भाजपा सरकार को बदलने का आह्वान किया। साथ ही नशीले पदार्थों के कथित कारोबार में राजनीतिक संरक्षण की जांच की मांग भी की।