
सीतापुर, 7 सितंबर। उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिले की लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसीलों के गांजरी क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से खेतों में खड़ी फसलें और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। करीब 50 गांवों और उनके मजरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीण प्रभावित हैं।तहसीलदार बिसवां अनिल कुमार राम ने सोमवार को बताया कि घाघरा और शारदा नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 119 मीटर के मुकाबले 118.70 मीटर और शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 135.49 मीटर के मुकाबले 135.40 मीटर दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि जलस्तर बढ़ने से संपर्क मार्गों के अलावा खेतों में भी पानी भर गया है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। रेउसा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित रामलालपुरवा, निर्मलपुरवा और चहलारी सहित कई गांवों के संपर्क मार्ग और खेत पानी में डूब गए हैं। करीब 300 एकड़ में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं।तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरित की जा रही है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था भी की जा रही है। बेहटा विकासखंड के खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि सोमवार को खानामरोड़ में सोलर पैनल लगवाए गए हैं। कोल्हूपुरवा और लक्ष्मीपुर में भी एक-एक सोलर पैनल लगाने की तैयारी की जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों को टॉर्च भी वितरित की गई हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।