
लखनऊ, 7 सितंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में आठ सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा है कि लखनऊ में विकसित हो रहा एआई सिटी तथा कानपुर में ड्रोन और मानवरहित हवाई वाहन तकनीक का विकसित होता पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश के तकनीकी भविष्य के लिए नई संभावनाओं का आधार बन रहा है।उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते दौर में डिजिटल ज्ञान और नई तकनीकों की समझ भी जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर यह संकल्प लिया जाए कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे और प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर युवा को कौशल और नवाचार से जोड़ने के साथ प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। इसके साथ ही नागरिकों को डिजिटल ज्ञान हासिल करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दिया जाना चाहिए।