
चित्रकूट 06 सितंबर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौराणिक तीर्थ स्थल चित्रकूट में रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण करने के बाद प्रभावित 800 परिवारों को राहत सामग्री बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं आपदा मोचक निधि से राहत राशि का वितरण किया।श्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से सर्वेक्षण करने के बाद रामघाट और उसके आसपास के स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल प्रलय होने के बाद भी प्रभु श्री राम की कृपा से एक भी जनहानि नहीं हुई है यह प्रभु श्री कामतानाथ जी की साक्षात कृपा का ही फल है।
उन्होंने कहा कि जो सडकें बिजली के खंभे पुल आदि बह गए हैं या उखड़ गए हैं उन सब की मरम्मत का कार्य बहुत तेजी के साथ किया जाएगा उसका धन आवंटन आज ही जिला प्रशासन के साथ बैठकर कर दिया जाएगा।उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि जो भी व्यक्ति बाढ़ की चपेट में आए हैं उनके भोजन चिकित्सा की व्यवस्था सुचारू रूप से करें। उन्होंने कहा 2017 के पहले जब बाढ़ आती थी तो कोई सरकार संज्ञान भी नहीं लेती थी। सब बंदर बांटकर खा जाते थे। 2017 के बाद से यह सारे नियम बदल दिए गए बाढ़ प्रभावितों को 10 किलो चावल , 10 किलो आटा , दाल , तेल , मिर्च मसाला सहित पूरी राशन सामग्री दी जाती है। स्वास्थ्य केंद्रो में वैक्सीन एवं दवाइयां की व्यवस्था की जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार आपदा की घड़ी में उनके साथ खड़ी है किसी भी पीड़ित को परेशान होने की कतई जरूरत नहीं है।कार्यक्रम में मंत्री नंद गोपाल नंदी , जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह , पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल पूर्व सांसद भैरव प्रसाद मिश्रा , पूर्व सांसद रमेश चंद्र द्विवेदी विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी पूर्व विधायक आनंद शुक्ला पंकज अग्रवाल नरेंद्र गुप्ता सहित भारतीय जनता पार्टी संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।