
लखनऊ, 06 सितंबर । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश में ‘जेन-जी’ यानी नई युवा पीढ़ी से जुड़े आंदोलनों का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि बेरोजगारी और युवाओं की अन्य समस्याओं को लेकर उनकी आवाज को राजनीतिक दलों द्वारा ‘हाइजैक’ किए जाने से गंभीर आशंकाएं पैदा हुई हैं।सुश्री मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जेन-जी’ यानी देश के युवाओं और बेरोजगारों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों ने ‘हाइजैक’ कर लिया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान युवाओं और छात्रों को जो बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे, वे अब स्वतंत्र कम और राजनीतिक ज्यादा होकर गंभीर शंकाओं में घिर गए हैं।
उन्होंने कहा कि खासकर जेन-जी और जेन-अल्फा की जरूरी मांगों को लेकर बसपा को पूरी सहानुभूति और चिंता रही है। पार्टी की सभी प्रदेश इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने राज्य और क्षेत्र में संबंधित अधिकारियों से मिलकर युवाओं की समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान के लिए तत्पर रहें।बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से धरना, प्रदर्शन और आंदोलन नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि वे अपनी तन, मन और धन की शक्ति एवं ऊर्जा को चुनाव के लिए सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि करोड़ों दलितों और अन्य उपेक्षित वर्गों के सच्चे मसीहा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों को साकार करने वाली ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सरकार बनाने के लिए यह ऊर्जा इस्तेमाल की जानी चाहिए।
सुश्री मायावती ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा की चार बार रही सरकारों में यह करके दिखाया गया है और ऐसी सरकार जेन-जी, जेन-अल्फा समेत पूरे समाज की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाल सकती है। उन्होंने जेन-जी के जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया।पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि यदि पुलिस समय रहते उचित कार्रवाई करती तो संजय आजाद जैसी गंभीर घटना नहीं होती। उन्होंने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अन्यथा बसपा ऐसे मामलों में पीछे नहीं रहेगी।