
देवरिया, 06 सितंबर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने रविवार को कहा कि जब तक समाज में भेदभाव है, तब तक आरक्षण रहेगा और संविधान प्रदत्त इस अधिकार को कोई बदल नहीं सकता।उन्होंने आज यहां शहर के टाउनहाल ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यकर्ता समागम को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण किसी की खैरात या भीख नहीं, बल्कि संविधान की देन है। संविधान ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े, दलित, वंचित और दबे-कुचले समाज को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था दी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। जिससे आरक्षण का लाभ अब किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहा।श्रीमती पटेल ने कहा कि चुनाव आते ही आरक्षण पर चर्चा तेज हो जाती है। लोगों को भ्रमित होने के बजाय यह सोचना चाहिए कि चुनाव से पहले ही यह मुद्दा क्यों उठाया जाता है। जो लोग आरक्षण को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, उनसे सवाल किया जाना चाहिए कि क्या समाज में भेदभाव पूरी तरह समाप्त हो गया है। क्या सरकारी नौकरियों का बैकलॉग पूरा हो गया है। क्या शैक्षणिक संस्थानों में पिछड़े, दलित और वंचित समाज के बच्चे उस संख्या में पहुंच पाए हैं, जितनी उनकी भागीदारी होनी चाहिए, यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसका मतलब है कि भेदभाव अभी भी जारी है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टियां आज लोगों के अधिकारों को लेकर चिंतित दिखाई दे रही हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि सत्ता में रहने के दौरान उन्होंने पिछड़े, दलित और वंचित समाज के अधिकारों के लिए क्या किया।