
मुंबई, 25 जुलाई । रॉकिंग स्टार यश ने कहा है कि आगामी फिल्म रामायण में रावण का किरदार केवल एक साधारण खलनायक नहीं, बल्कि ज्ञान, शक्ति और अहंकार के विरोधाभासों से भरा एक बेहद जटिल चरित्र है।फिल्म रामायण को लेकर बढ़ रहे उत्साह के बीच अभिनेता यश कॉमिक-कॉन कार्यक्रम में अपनी टीम के साथ शामिल हुए। फिल्म में रावण की भूमिका निभाने के साथ-साथ अपने बैनर मॉनस्टर माइंड क्रिएशंस के तहत इसके निर्माण से भी जुड़े यश ने मीडिया से बातचीत में इस किरदार और महाकाव्य की प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।यश ने कहा कि रामायण अच्छाई और बुराई, सही और गलत के बीच के संघर्ष की कहानी है। उन्होंने कहा कि भगवान राम और रावण दो अलग-अलग रास्तों और जीवन यात्राओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके अनुसार, भगवान राम ने विपरीत परिस्थितियों में सब कुछ खोने के बाद अपने आदर्शों और कर्मों के बल पर सम्मान और शक्ति वापस हासिल की, जबकि रावण ने साधारण शुरुआत से असाधारण शक्ति प्राप्त की, लेकिन अंततः अहंकार और प्रतिशोध के कारण उसका पतन हुआ।
रावण के चरित्र पर चर्चा करते हुए यश ने कहा कि वह अनेक विद्याओं और कलाओं का ज्ञाता था, लेकिन अपार ज्ञान और सामर्थ्य के बावजूद अपनी शक्ति पर नियंत्रण नहीं रख पाया। उन्होंने कहा कि यही विरोधाभास रावण को पौराणिक कथाओं के सबसे दिलचस्प पात्रों में से एक बनाता है।यश ने बताया कि रामायण से उनका जुड़ाव बचपन से रहा है। उन्होंने कहा कि उनके दादाजी उन्हें रामायण की कहानियां सुनाया करते थे, जिससे उनके मन में इस महागाथा की एक अलग दुनिया बनी।
रोल की तैयारी के बारे में यश ने कहा कि उनका उद्देश्य रावण को नए तरीके से गढ़ना नहीं, बल्कि उसके विचारों और कार्यों के पीछे की मंशा को समझना था। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी और लेखकों की सराहना करते हुए कहा कि वह यह जानना चाहते थे कि रावण ने जो कुछ किया, उसके पीछे उसकी सोच और कारण क्या थे। किसी भी किरदार को निभाने में उसके कार्यों के पीछे की मानसिकता को समझना सबसे महत्वपूर्ण होता है।