इटावा को 604 करोड़ की 128 विकास परियोजनाओं की सौगात, ‘न कर्फ्यू, न दंगा, अब उत्सव प्रदेश है उत्तर प्रदेश’ : योगी

इटावा को 604 करोड़ की 128 विकास परियोजनाओं की सौगात, ‘न कर्फ्यू, न दंगा, अब उत्सव प्रदेश है उत्तर प्रदेश’ : योगी

इटावा/लखनऊ, 26 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इटावा सदर, जसवंतनगर और भरथना विधानसभा क्षेत्रों के लिए 604 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” नहीं, बल्कि “रेवेन्यू सरप्लस राज्य” और देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।

विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने इटावा सहित पूरे प्रदेश के युवाओं को पहचान के संकट से बाहर निकाला है। उन्होंने कहा कि आज इटावा का नाम भय या दहशत का पर्याय नहीं, बल्कि सम्मान का प्रतीक बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा। यहां उत्सव है और सब चंगा है। यह नए उत्तर प्रदेश की नई कहानी है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं, बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज”, “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन” जैसी योजनाएं विकास की पहचान बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीबों को राशन और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। हाल ही में उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और उनके आश्रितों को भी पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही 10 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है तथा सरकारी नौकरियां अब पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का प्रसूति एवं स्त्री रोग (ऑब्स एंड गायनी) ब्लॉक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इटावा जिले के 540 गांवों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन के तहत कार्य चल रहे हैं, जिनसे 2.33 लाख परिवारों को हर घर नल योजना से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इटावा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग-92 पर चंबल नदी पर 296 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण करा रही है। इसके अलावा 344 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-कन्नौज राष्ट्रीय राजमार्ग-91ए, 228 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-करहल राष्ट्रीय राजमार्ग, 800 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे फ्लाईओवर एवं बाईपास तथा 69 करोड़ रुपये की लागत से भरथना बाईपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भरथना एवं ताखा क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना के तहत इटावा में 108 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लायन सफारी के लिए बाईपास तथा 90 करोड़ रुपये की लागत से पैरामेडिकल संस्थान के आवासीय भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश का विकसित होना आवश्यक है और इसमें इटावा एवं मैनपुरी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी जिलों का समान रूप से विकास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में गरीब, किसान, महिला और युवा को ही चार प्रमुख वर्ग बताया है और सरकार इन्हीं के सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्टार्टअप योजना, स्टैंडअप योजना, डिजिटल इंडिया, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और मिशन रोजगार के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों के फसल ऋण माफ किए हैं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है तथा 16 लाख निजी नलकूप धारक किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, नैमिषारण्य तथा मथुरा-वृंदावन के विकास जैसे कार्यों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दी जा रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को टूलकिट, प्रतीकात्मक चाबी, चेक, कैशलेस चिकित्सा कार्ड और स्वीकृति पत्र वितरित किए। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।

इस अवसर पर महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य, विधायक सरिता भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

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