
काठमांडू, 26 जुलाई। भारत में पेपर लीक मामले के बाद जेन जी आंदोलन खड़ा हो गया तो वहीं नेपाल में जेन जी आंदोलन के बाद पेपर लीक की रिपोर्ट आयी है।इस पर नेपाल पुलिस के केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो (सीआईबी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार सुबह कई संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। वहीं, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए त्रिभुवन विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग ने अच्युत ज्ञवाली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें पुष्कर रैखाला और महेश राज ओझा शामिल हैं। इस समिति को सात कार्य दिवसों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
यहां के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित त्रिभुवन विश्वविद्यालय (टीयू) की मास्टर्स ऑफ बिजनेस स्टडीज (एमबीएस) प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा का प्रश्नपत्र 24 जुलाई को अनधिकृत रूप से तब ऑनलाइन लीक कर दिया गया था, जब ‘ऑर्गनाइजेशनल बिहेवियर’ विषय की परीक्षा शुरू हुए महज पांच मिनट हुए थे। प्रश्नपत्र ह्वाट्सऐप ग्रुप में तेजी से प्रसारित होने लगा था।पेपर लीक के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त करने से इनकार कर दिया है। टीयू अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब प्रश्नपत्र ह्वाट्सएप पर साझा किया गया, तब तक सभी परीक्षार्थी केंद्रों में अपने स्थानों पर बैठकर परीक्षा देना शुरू कर चुके थे। इसलिए व्यापक जनहित में परीक्षा रद्द करना उचित नहीं होगा।
बहरहाल, अब ये देखना दिलचस्प होगा कि भारत में शिक्षा मंत्री की बलि ले चुका परीक्षा पेपर लीक विवाद अब नेपाल में क्या मोड़ लेता है।