मुथुपंडी राजा और ज्ञानेश्वरी ने जीते रजत, बिंद्यारानी देवी को कांस्य पदक

मुथुपंडी राजा और ज्ञानेश्वरी ने जीते रजत, बिंद्यारानी देवी को कांस्य पदक

ग्लासगो (स्कॉटलैंड), 27 जुलाई। भारतीय भारोत्तोलक मुथुपंडी राजा और ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारोत्तोलन में रजत पदक जीते जबकि बिंद्यारानी देवी के हिस्से में कांस्य पदक आया।राजा ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में कुल 286 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। रविवार देर रात हुए मुकाबले में 25 वर्षीय भारोत्तोलक राजा मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में कुल 286 किलोग्राम (127 किग्रा स्नैच और 159 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाया। मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिदिन ने 299 किग्रा वजन उठाकर रिकॉर्ड प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं पापुआ न्यू गिनी के मोरेया बारू ने कांस्य पदक जीता।

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के रहने वाले मुथुपंडी राजा का जन्म 12 जनवरी 2000 को हुआ था और वे इंडियन रेलवेज का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने 2017 कॉमनवेल्थ यूथ/जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई और फिर 2019 और 2022 में राष्ट्रीय खिताब जीते। 2024 में, उन्होंने 61 किग्रा कैटेगरी में कुल 289 किग्रा वज़न उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। 2025 में, उन्होंने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप (296 किग्रा) में रजत पदक जीता और नॉर्वे के फ़ोर्डे में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में 299 किग्रा (130 किग्रा स्नैच और 169 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का अपना नया पर्सनल बेस्ट स्कोर बनाया। इस चैंपियनशिप में वे 65 किग्रा कैटेगरी में 9वें स्थान पर रहे, जिससे वे लॉस एंजेलिस 2028 की ओर बढ़ रहे भारत के टॉप पुरुष वेटलिफ्टर्स में से एक बन गए।भारत के वेटलिफ्टिंग में शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए ज्ञानेश्वरी यादव ने सोमवार को महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। ज्ञानेश्वरी ने फ़ाइनल में कुल 199 किग्रा वज़न उठाया – स्नैच में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में ज़बरदस्त 111 किग्रा। क्लीन एंड जर्क में उनके प्रयास ने उन्हें कुछ समय के लिए रिकॉर्ड बुक में जगह दिलाई क्योंकि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन बाद में नाइजीरिया की डिडिह ओनोमे ओमोलोला ने 113 किग्रा वज़न उठाकर वह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया और गोल्ड मेडल जीत लिया।भारतीय वेटलिफ्टर का यह सिल्वर मेडल ग्लासगो गेम्स में वेटलिफ्टिंग में भारत का चौथा मेडल था, जो इस खेल में देश के दबदबे को दिखाता है। ज्ञानेश्वरी ने दबाव में भी कमाल का संयम दिखाया, कड़े मुकाबले में डटी रहीं और निर्णायक क्लीन एंड जर्क राउंड में शानदार प्रदर्शन किया।

बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कुल 199 किग्रा वज़न उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना दूसरा मेडल जीता। बर्मिंघम 2022 में सिल्वर मेडल जीतने वाली बिंद्यारानी ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का किया। यह भारत का भारोत्तोलन में पांचवां पदक है।कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट बिंद्यारानी देवी ने स्नैच राउंड में 87 किग्रा के बेस्ट लिफ़्ट के साथ चौथे स्थान पर थीं। उन्होंने 83 किग्रा से शुरुआत की, फिर इसे बेहतर करते हुए 85 किग्रा और अपने तीसरे प्रयास में 87 किग्रा वज़न उठाया। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वज़न उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

नाइजीरिया की राफियातु फोलाशाडे लावल ने 229 किग्रा (103 126) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि कनाडा की एन सोफी टैस्चेरो ने 215 किग्रा (94 121) वजन उठाकर रजत जीता।

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