अगस्त में भी बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में मिलेगी राहत

अगस्त में भी बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में मिलेगी राहत

लखनऊ, 28 जुलाई। उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त माह में भी बिजली बिलों में राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) के तहत अगस्त माह के लिए ईंधन अधिभार शुल्क में 2.92 प्रतिशत की कमी करने का आदेश जारी किया है। इससे प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त के बिलों में 2.92 प्रतिशत की सीधी राहत मिलेगी।यूपीपीसीएल के अनुसार, इस निर्णय से प्रदेश के उपभोक्ताओं को कुल 221 करोड़ रुपये का लाभ होगा। इससे पहले जुलाई माह में भी एफपीपीसीए के तहत 4.43 प्रतिशत की राहत दी गई थी।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) द्वारा एफपीपीसीए की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जब भी बिजली खरीद लागत निर्धारित स्तर से कम रहती है, उसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को एफपीपीसीए के माध्यम से दिया जाता है।परिषद ने बताया कि एफपीपीसीए की प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को लेकर उसने आयोग के समक्ष लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल कर शिकायत की थी। इस पर आयोग ने पावर कॉरपोरेशन को निर्देश दिया था कि एफपीपीसीए की प्रक्रिया पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी ढंग से लागू की जाए।

परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि परिषद के अध्ययन में पहले ही अनुमान लगाया गया था कि आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं को एफपीपीसीए के तहत लगातार राहत मिलेगी। यूपीपीसीएल के ताजा आदेश से यह आकलन सही साबित हुआ है और अगस्त में भी उपभोक्ताओं को 2.92 प्रतिशत की राहत मिलेगी, जिससे उन्हें 221 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।उन्होंने कहा कि आयोग के 23 जून के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एफपीपीसीए की गणना केवल संबंधित माह की वास्तविक विद्युत क्रय लागत और ट्रांसमिशन शुल्क के आधार पर ही की जाएगी तथा किसी अन्य माह की देनदारी या समायोजन इसमें शामिल नहीं किया जा सकता।

वर्मा ने कहा कि यह केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि बिजली उपभोक्ताओं की कानूनी लड़ाई की भी महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता परिषद पहले ही पिछले 14 माह की एफपीपीसीए गणना में कथित अनियमितताओं का मुद्दा आयोग के समक्ष उठा चुकी है और आगे भी यह सुनिश्चित करेगी कि पूरी प्रक्रिया आयोग के आदेशों एवं कानून के अनुरूप लागू हो, ताकि उपभोक्ताओं को उनका वैधानिक लाभ समय पर मिल सके।

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