भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझना होगा: योगी

भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझना होगा: योगी

गोरखपुर, 29 जुलाई । गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों का आह्वान किया है कि वे देश की प्रगति यात्रा में बाधा उत्पन्न करने वालों से सावधान और सतर्क रहें।मुख्यमंत्री ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में विगत 23 जुलाई से चल रही श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा, “ हम सभी को भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझना होगा। कुछ ताकतें भारत की प्रगति यात्रा, सनातन संस्कृति एवं परंपरा को तबाह करना चाहती हैं। अपने ही समाज में कालनेमि का रूप धारण कर बैठे देश विरोधी षड्यंत्रकारियों से हम अनभिज्ञ बने रहेंगे तो अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसी स्थिति होगी।”

गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यानाथ के चित्र पर पुष्पार्चन करने तथा व्यासपीठ का पूजन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी समाज के कुछ लोग ही दुनिया की उन ताकतों के प्रवक्ता बने हुए हैं जो सनातन संस्कृति पर आघात करने में लगी हुई हैं। ऐसी ताकतों और उनके प्रवक्ताओं से जो व्यक्ति एवं समाज सतर्क व सावधान रहकर अपने परिमार्जन के लिए तैयार रहेगा, उसका परिवार तथा समाज उतना अधिक सुख रहेगा। समाज सुखी रहेगा तो राष्ट्र को समृद्धि के पथ पर अग्रसर होने से कोई नहीं रोक आएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 12 वर्षों से तीव्र प्रगति कर रहा भारत अगले दो तीन सालों में दुनिया के तीन शीर्ष देशों में सम्मिलित हो जाएगा। अपनी प्रगति यात्रा में भारत ने जिन्हें पछाड़ा, उन्हें अच्छा न लगना स्वाभाविक है। कई ताकतों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लगती। सीएम योगी ने कहा कि ऐसी ताकतों ने देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की योजना बनानी प्रारंभ कर दी है।

योगी ने कहा कि 12 वर्ष पूर्व देश के 120 जिलों में नक्सलवाद था। आज एक भी जिले में नक्सलवाद नहीं है। ऐसे में नक्सलवाद को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने वाले चौन से बैठने की बजाय दूसरे रूप में और छद्म नाम से आएंगे। मुख्यमंत्री ने रामायण कालखंड में हनुमानजी की राह रोकने वाले कालनेमि का उदाहरण देते हुए समझाया कि वर्तमान दौर के कालनेमियों से सबको सावधान रहना होगा। ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा जो भारत के खिलाफ षड्यंत्र में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भागीदार रहते हैं। समाज को एकजुट होकर हुंकार भरनी होगी कि हम देश के खिलाफ किसी भी षड्यंत्र को स्वीकार नहीं करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जब भी अपनी एक बड़ी यात्रा पर होता है तो बड़ी चुनातियों का आना भी शुरू हो जाता है। जब श्रीराम का राजतिलक होना था तो परिवार में फूट डालकर उन्हें वनवास दे दिया गया। वनवास से लौटकर जब उन्होंने रामराज्य की स्थापना की तो माता जानकी को वनवास के लिए जाना पड़ा। महाभारत कालखंड में जब इंद्रप्रस्थ अपने वैभव पर था तब महाभारत का शंखनाद हो गया। उन्होंने कहा कि भारत के स्वर्णयुग में भी ऐसी स्थिति आई। उन्होंने कहा कि चंद्रगुप्त और चाणक्य की जोड़ी के समय विश्व की 45 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर भारत का कब्जा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम मुग्ध हो जाते हैं तो कुछ ऐसे भो लोग होते हैं जो खुरपेंच में विश्वास करते हैं। उनका प्रयास व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने की होती है। हमें प्रगति पर मुग्ध होने से बचना होगा, व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने वालों से सतर्क रहना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *