
बदायूं, 30 जुलाई। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी ने मन ही मन सभी प्रत्याशी तय कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में सड़क, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। पूर्व मंत्री एवं सहसवान से पांच बार विधायक रहे स्वर्गीय ओमकार सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत में श्री यादव ने गुरुवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे सहित अन्य सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के समय बने एक्सप्रेसवे बेहतर गुणवत्ता के थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बनी कई सड़कें उद्घाटन के बाद ही क्षतिग्रस्त हो गईं।ई-20 ईंधन के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यदि एथेनॉल मिश्रित ईंधन वास्तव में वाहनों के लिए लाभकारी है तो वाहन निर्माता कंपनियों को सार्वजनिक रूप से इसके लाभ बताने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कंपनियां ऐसा नहीं कर रहीं तो सरकार उन पर दबाव बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को 2027 के चुनाव में उठाएगी।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के चावल की बिक्री का उल्लेख करते हुए श्री यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल “जेब भरने की राजनीति” करती है।स्वास्थ्य सेवाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग स्वयं बीमार हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति खराब हो गई है तथा स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर डायल-100 जैसी पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली को फिर से मजबूत किया जाएगा। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर श्री यादव ने कहा कि पार्टी ने मन ही मन सभी प्रत्याशी तय कर लिए हैं।उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी 250 से अधिक सीटें जीतेगी। बिहार के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां वास्तविक मुकाबला अन्य दलों के बीच है और भाजपा मजबूत स्थिति में नहीं है। एनसीईआरटी की पुस्तकों के रंग परिवर्तन और जिलों के नाम बदलने से जुड़े प्रश्नों पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केवल नाम बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि महापुरुषों के विचारों को भी अपनाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पैलेट गन से घायल छात्रों के उपचार संबंधी निर्देशों पर श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की मांगों के बावजूद सरकार ने समय पर अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया, हालांकि अब वह सुनने की कोशिश कर रही है।