
वाशिंगटन, 31 जुलाई । अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल को चेतावनी दी है कि यदि वह गाजा शांति योजना के तहत किए गए अपने वादों को पूरा नहीं करता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे बेहद निराश होंगे।यह बयान ऐसे समय आया है, जब हमास ने अमेरिका समर्थित एक प्रस्ताव को स्वीकार करने की जानकारी दी है। इस प्रस्ताव के तहत हमास चरणबद्ध तरीके से हथियार डाल देगा। साथ ही और गाजा का प्रशासन एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी प्रशासन को सौंपा जाएगा।
हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा है कि गाजा से सेना हटाने से पहले उसका पूरी तरह हथियार मुक्त होना जरूरी है और मौजूदा प्रस्ताव इस शर्त को पूरा नहीं करता।एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इजरायल से वही करने को कहा जा रहा है, जिस पर वह पहले ही 20 सूत्री शांति योजना में सहमत हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इजरायल अपने वादे निभाएगा।
अमेरिका ने यह भी माना कि इजरायल को हमास के हथियार छोड़ने पर संदेह है, लेकिन उसका कहना है कि हमास ने पहले किए गए कुछ समझौतों का पालन किया है। इसलिए दोनों पक्षों को अपने-अपने वादे पूरे करने होंगे।अमेरिकी अधिकारी ने कतर, तुर्किये और मिस्र की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि इन देशों ने युद्धविराम बनाए रखने में अहम योगदान दिया है।
अधिकारियों के अनुसार हमास की सहमति के बाद अब अगले 14 दिनों में समझौते को लागू करने की समय-सारिणी तय की जाएगी। पूरे निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया 200 से 350 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है।हमास के वरिष्ठ नेता गाज़ी हमद ने कहा कि संगठन तभी हथियार जमा करना शुरू करेगा, जब इजरायल पहले मानवीय सहायता पहुंचाने और गाजा के नए प्रशासन को प्रवेश देने जैसे अपने शुरुआती वादे पूरे करेगा।
प्रस्ताव के अनुसार पहले चरण में इजरायल अपनी सेना को अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के दौरान तय की गई सीमा तक पीछे हटाएगा। इसके बाद हमास और अन्य फ़िलिस्तीनी सशस्त्र संगठन सैन्य गतिविधियां बंद करेंगे। आगे की प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी, जब एक स्वतंत्र निगरानी समिति यह पुष्टि करेगी कि दोनों पक्ष अपने-अपने वादों का पालन कर रहे हैं।