सावन के पहले सोमवार पर शिवमय हुआ उत्तर प्रदेश, मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

लखनऊ, 3 अगस्त। सावन मास के पहले सोमवार को उत्तर प्रदेश शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से काशी से लेकर मेरठ, अयोध्या, प्रयागराज, कानपुर, मैनपुरी और गोला गोकर्णनाथ तक पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए, जिससे जलाभिषेक और दर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।

वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में देर रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। मंदिर प्रशासन ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। वहीं मेरठ के सिद्धपीठ औघड़नाथ मंदिर, बागपत के पुरा महादेव, बुलंदशहर के बरासऊ शिव मंदिर तथा अन्य प्रमुख शिवालयों में भी जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ड्रोन कैमरों से निगरानी, डॉग स्क्वाड और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।अयोध्या में श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर सरयू तट से लेकर नागेश्वरनाथ मंदिर, कुबेर टीला स्थित शिव मंदिर, हनुमानगढ़ी तथा अन्य प्रमुख शिवालयों तक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने सरयू में स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और रामलला के भी दर्शन किए। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, शेड तथा यातायात प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

प्रयागराज में ब्रह्मेश्वर महादेव, मनकामेश्वर, सोमेश्वर महादेव और गंगेश्वर महादेव मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। संगम नगरी में आस्था के साथ पारंपरिक आयोजनों का भी उत्साह देखने को मिला।कानपुर में परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर,जाजमऊ में सिद्धनाथ मंदिर,नागेश्वर मंदिर,जागेश्वर मंदिर,वनखंडेश्चर मंदिर,नंदेश्वर मंदिर और पातालेश्वर मंदिर में तड़के से देर शाम तक हर हर महादेव के उदघोष के साथ श्रद्धालुओं के कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने पुष्प, बेलपत्र,धतूरा,भांग,दुग्ध और गंगा जल से अपने आराध्य का अभिषेक किया और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये गये थ।

मैनपुरी में पौराणिक भीमसेन मंदिर और ऐतिहासिक चंदेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पुलिस और प्रशासन ने बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश-निकास मार्ग और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ (छोटी काशी) में प्रसिद्ध सावन मेले और कांवड़ यात्रा को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने शिव मंदिर परिसर, रिलायंस पेट्रोल पंप चेक पोस्ट और कंजा मंदिर स्थित स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण कर चिकित्सकों, दवाओं और एम्बुलेंस व्यवस्था का जायजा लिया। प्रमुख स्थानों पर 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा और चिकित्सीय दल तैनात किए गए हैं।

बाराबंकी में लोधेश्वर महादेवा में कांवड़ियों के जल चढ़ाने का सिलसिला अनवरत जारी रहा वहीं लखनऊ में मनकामेश्वर और बुद्धेश्वर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गयी। जालौन,जौनपुर,देवरिया,गोरखपुर,मेरठ,गाजियाबाद और उन्नाव समेत समूचे प्रदेश में सावन का पहला सोमवार पूरी भक्ति भाव के साथ मनाया गया।प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रशासन ने प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा बल, चिकित्सा शिविर, विश्राम स्थलों और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की है। इसी क्रम में नौ और दस अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सात जिलों बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी।

अयोध्या में श्रावण मेला और कांवड़ यात्रा को देखते हुए भारी मालवाहक वाहनों के लिए विभिन्न चरणों में विशेष डायवर्जन योजना लागू की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील की है।प्रदेशभर में सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। प्रशासनिक सतर्कता, सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के कारण प्रमुख शिवालयों में दर्शन और पूजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

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