
लखनऊ, 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 51वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग दोगुने बजट को मंजूरी दी गई। बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, भूमि अधिग्रहण, बंद उद्योगों के पुनर्जीवन, आधारभूत ढांचे के विस्तार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।लोक भवन में सोमवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग तथा यूपीसीडा बोर्ड के अध्यक्ष आलोक कुमार ने की। बैठक में प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की गति तेज करने के उद्देश्य से कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बोर्ड ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण एवं भूमि क्रय संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसके साथ ही फतेहपुर की कताई मिल, संधिनावा औद्योगिक क्षेत्र तथा अयोध्या के त्रिशुंडी औद्योगिक क्षेत्र के ले-आउट मानचित्रों को भी स्वीकृति दी गई। इन फैसलों से योजनाबद्ध औद्योगिक विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा निवेशकों को शीघ्र भूखंड उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।औद्योगिक क्षेत्रों में मरम्मत और आवश्यक कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालयों तथा निर्माण एवं विद्युत खंडों को 10 लाख रुपये तक की आकस्मिक निधि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बोर्ड ने यूपीसीडा की आवासीय योजनाओं के पात्र आवंटियों को विलंब शुल्क के साथ 7 नवंबर 2026 तक लीज डीड निष्पादित कराने का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित अवधि के बाद लीज डीड नहीं कराने वाले आवंटियों का आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा।
बैठक में बंद (सिक) औद्योगिक इकाइयों को दोबारा संचालित करने के लिए नई पुनर्जीवन (रेजम्प्शन) नीति तैयार करने को भी मंजूरी दी गई। नई नीति के तहत प्राधिकरण की देनदारियां चुकाकर नो-ड्यूज प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाली तथा उत्पादन शुरू होने के बाद विभिन्न कारणों से बंद हुई इकाइयों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लाभ दिया जाएगा। इससे निष्क्रिय औद्योगिक परिसंपत्तियों के पुनः उपयोग और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।दोगुने बजट के माध्यम से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, ड्रेनेज सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण, विस्तार और आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे निवेशकों को बेहतर औद्योगिक वातावरण उपलब्ध होगा और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी।
बैठक को संबोधित करते हुए यूपीसीडा बोर्ड के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के औद्योगिक विकास का अग्रणी केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत दोगुना बजट यूपीसीडा की मजबूत वित्तीय स्थिति और दीर्घकालिक विकास दृष्टि का परिचायक है। इसके माध्यम से नए औद्योगिक क्षेत्रों, बड़े औद्योगिक क्लस्टरों, आधारभूत ढांचे के विस्तार और निवेशक-अनुकूल वातावरण को और मजबूती मिलेगी।उन्होंने विश्वास जताया कि योजनाबद्ध औद्योगिक विकास, मजबूत अवसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों के बल पर उत्तर प्रदेश निवेश, विनिर्माण और रोजगार सृजन का राष्ट्रीय ग्रोथ इंजन बनने के साथ-साथ ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करेगा।