मायावती से अलग हुए नेताओं ने बदली राजनीतिक राह, कई ने हासिल किए बड़े पद

मायावती से अलग हुए नेताओं ने बदली राजनीतिक राह, कई ने हासिल किए बड़े पद

लखनऊ, 03 अगस्त। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा समय-समय पर पार्टी से निष्कासित किए गए कई नेताओं ने बाद में अन्य राजनीतिक दलों में महत्वपूर्ण पहचान और पद हासिल किए। इसी क्रम में हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाए गए रणधीर सिंह बेनीवाल भी चर्चा में हैं।रणधीर सिंह बेनीवाल को 5 मार्च 2025 को बसपा का राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया था। हालांकि, करीब 16 महीने बाद दो अगस्त को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने लगभग दो दशक पहले सहारनपुर नगर पालिका के सभासद के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। पार्टी से हटाए जाने के बावजूद वे सार्वजनिक रूप से मायावती के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में उन्हें दोबारा पार्टी में स्थान मिल सकता है।

सहारनपुर की राजनीति पर नजर डालें तो बसपा छोड़ने या निकाले जाने वाले कई नेताओं ने अन्य दलों में नई राजनीतिक पारी शुरू की। इमरान मसूद, जिन्हें लोकसभा चुनाव से पहले बसपा से बाहर किया गया था, बाद में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे। वहीं पूर्व बसपा सांसद फजलुर्रहमान कुरैशी वर्तमान में समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं।इसी प्रकार पूर्व मंत्री संजय गर्ग, पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू, जगपाल सिंह और महिपाल माजरा भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जगपाल सिंह ने पिछला विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर सहारनपुर देहात सीट से लड़ा था। बसपा सरकार में मंत्री रहे डॉ. धर्म सिंह सैनी बाद में भाजपा में शामिल होकर योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री भी बने। पूर्व सांसद राजपाल सैनी भी भाजपा का हिस्सा हैं।

हाल ही में बसपा से निष्कासित अनुसूचित जाति के नेता अजब सिंह भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वहीं बसपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य ईसम सिंह ने भी भाजपा का दामन थामा था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के जानकार एवं पूर्व प्राचार्य प्रो. योगेश गुप्ता का कहना है कि मायावती ने अनुशासनहीनता के आरोप में समय-समय पर अनेक वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर किया है। उनके अनुसार, वर्तमान में बसपा का जनाधार काफी सीमित हो गया है और चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन लगातार कमजोर हुआ है।हालांकि, बसपा के जिलाध्यक्ष रजनीश बंधु ने इन दावों से अलग पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि बसपा के कार्यकर्ताओं की निष्ठा केवल पार्टी प्रमुख मायावती के प्रति है और उनके सभी निर्देश सर्वोपरि हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी ने फिरोज आफताब को सहारनपुर देहात विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि जिले की अन्य छह विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जारी है।

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