सिर्फ ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में नहीं, जोखिम को समझकर करें निवेश: सेबी अध्यक्ष

सिर्फ ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में नहीं, जोखिम को समझकर करें निवेश: सेबी अध्यक्ष

लेह, 17 सितंबर। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को निवेशकों को सलाह दी कि वे सिर्फ ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में नहीं, बल्कि जोखिम को समझकर निवेश करें।

श्री पांडे ने लेह में एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) की ओर से सेना के जवानों के लिए आयोजित विशेष निवेशक जागरूकता कार्यक्रम में सेना के जवानों और अधिकारियों से निवेश के मामले में भी उसी अनुशासन, तैयारी और सतर्कता को अपनाने की अपील की, जिसके साथ वे देश की सेवा करते हैं। उन्होंने सैन्यकर्मियों को निवेश में विविधता रखने और किसी भी उत्पाद में पैसा लगाने से पहले उसके बारे में तथा उससे जुड़े जोखिमों के बारे में समझकर निवेश करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि सैन्यकर्मियों की ड्यूटी की प्रकृति बेहद चुनौतीपूर्ण होती है और उन्हें व्यक्तिगत वित्तीय मामलों के प्रबंधन के लिए अक्सर सीमित समय मिल पाता है। ऐसे में वे अनधिकृत निवेश योजनाओं, फर्जी डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, साइबर धोखाधड़ी और गारंटीड रिटर्न के भ्रामक वादों का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि निवेश का फैसला केवल ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद के आधार पर नहीं होना चाहिए। निवेशक को अपनी वित्तीय जरूरतों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।

कार्यक्रम में करीब 500 सैन्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। इनमें कमीशन प्राप्त अधिकारी और जवान शामिल थे।

श्री पांडे ने जल्दी निवेश शुरू करने और नियमित निवेश की आदत बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निवेशक केवल सेबी में पंजीकृत मध्यस्थों और विनियमित उत्पादों के माध्यम से ही निवेश करें। पैसा भेजने से पहले निवेश ऐप और भुगतान संबंधी जानकारी की पुष्टि करें। उन्होंने वैलिडेटेड यूपीआई हैंडल्स, सेबी चेक और वेरिफाइड ऐप लेबल जैसी सेबी की पहलों का उल्लेख किया, जो निवेशकों को मध्यस्थों, भुगतान माध्यमों और निवेश ऐप की सत्यता जांचने में मदद करती हैं।

उन्होंने कहा कि सेना के जवान लंबे समय तक घर से दूर रहते हैं। ऐसे में निवेश से जुड़ी जानकारी परिवार के सदस्यों को देना जरूरी है। निवेशक को नॉमिनी, केवाईसी, मोबाइल नंबर, ई-मेल और बैंक खाते की जानकारी समय-समय पर अपडेट रखनी चाहिए और सभी निवेशों का एक समेकित रिकॉर्ड भी रखना चाहिए।

श्री पांडे ने निवेशकों को यह भी सलाह दी कि उनके जीवनसाथी या नॉमिनी को यह जानकारी होनी चाहिए कि निवेश से जुड़े रिकॉर्ड कहां रखे गए हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए किससे संपर्क करना है।

एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी वेंकट एन. चलसानी ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण देश की विकास यात्रा में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से होगा। सशस्त्र बलों के जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं, वहीं 2047 की दिशा में आगे बढ़ते भारत की आर्थिक यात्रा में उनके लिए भागीदारी और लाभ उठाने के अवसर भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल निवेश करने तक सीमित नहीं है। इसमें जोखिम प्रबंधन, लक्ष्य आधारित वित्तीय योजना और साइबर खतरों और अनधिकृत वित्तीय योजनाओं से मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना भी शामिल है।

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