
मुरादाबाद, 03 अगस्त । उत्तर प्रदेश में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण मामले में मंडलायुक्त न्यायालय से विश्वविद्यालय प्रबंधन को अंतरिम राहत मिली है। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर लगी रोक को 10 अगस्त तक बढ़ाते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने रामपुर विकास प्राधिकरण और संबंधित तहसील प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही विश्वविद्यालय पक्ष को भी अपने साक्ष्य और दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश करने को कहा गया है।
करीब दो घंटे तक चली सुनवाई में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अंतिम निर्णय होने तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक जारी रखने का आदेश दिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने बताया कि कमिश्नर कोर्ट ने अपील पर अंतिम सुनवाई पूरी होने तक ध्वस्तीकरण आदेश पर स्थगन जारी रखा है। इसके चलते फिलहाल विश्वविद्यालय के 38 भवनों पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी।गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 जुलाई को मंडलायुक्त न्यायालय में अपील दायर की थी।
इस मामले में 28 जुलाई को प्रस्तावित सुनवाई मुरादाबाद में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन के कारण घोषित शोकसभा की वजह से स्थगित हो गई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय पक्ष ने 27 जुलाई को अंतरिम राहत के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर अदालत ने 3 अगस्त तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।सोमवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने इस अंतरिम रोक को 10 अगस्त तक बढ़ाते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।