वाराणसी के 17,698 परिवारों का बिजली बिल हुआ शून्य, सौर ऊर्जा स्थापना में प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर

वाराणसी के 17,698 परिवारों का बिजली बिल हुआ शून्य, सौर ऊर्जा स्थापना में प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर

वाराणसी, 5 अगस्त । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते वाराणसी उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा स्थापना के मामले में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। जिले में अब तक 17,698 परिवारों का बिजली बिल शून्य हो चुका है।मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि जिले में योजना के तहत अब तक 76,218 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 50,000 से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। सोलर संयंत्र लगवाने वाले 17,698 उपभोक्ताओं का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। वर्तमान में वाराणसी में 150 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जा चुकी है। यह उपलब्धि जिले में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता को भी दर्शाती है।

यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि जिले में स्थापित रूफटॉप सोलर संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 7.50 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस बिजली का अनुमानित आर्थिक मूल्य प्रतिदिन 51 लाख रुपये से अधिक है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होने के साथ स्थानीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हुई है। साथ ही बिजली उत्पादन पर होने वाले खर्च में कमी आने से उपभोक्ताओं और सरकार दोनों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिल रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से वाराणसी केवल सौर ऊर्जा उत्पादन ही नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, आर्थिक बचत और स्थानीय रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है।

सारनाथ निवासी लाभार्थी सीमा बानो ने बताया कि शुरुआत में उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर भरोसा नहीं था, लेकिन सोलर संयंत्र लगने के बाद उनका हर महीने आने वाला लगभग 2,000 से 2,500 रुपये का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया। उन्होंने कहा कि अब बिजली बिल पर होने वाला खर्च समाप्त हो गया है, जिसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।

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