
लखनऊ, 5 अगस्त । उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने बुधवार को सदन में विपक्ष के आचरण पर गहरी नाराजगी और निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से उन्होंने विधानसभा और विधायकों की गरिमा बढ़ाने का लगातार प्रयास किया है, लेकिन मंगलवार को सदन में जो घटनाक्रम हुआ, उसने उन्हें आहत किया है।श्री महाना ने कहा कि कई दशकों से समाज में विधायिका और विधायकों की जो छवि बनी हुई थी, उसे बदलने की कोशिश उन्होंने की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और विपक्ष सरकार की प्रशंसा करने नहीं, बल्कि उसका ध्यान जनहित के मुद्दों की ओर आकर्षित करने के लिए सदन में आता है।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में विपक्ष ने अपनी बात रखने की परंपरा का पालन किया और समय-समय पर अपनी बात कहकर सदन से बाहर गया लेकिन मंगलवार को जो हुआ, उससे उन्हें गहरी निराशा हुई।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “कल ऐसे सदस्य ने मुझे आहत किया, जिसे हम रोल मॉडल मानते थे। यह अत्यंत निराशाजनक है।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके स्पष्ट निर्देश के बावजूद सदन की तस्वीरें बाहर चली गईं, जो अत्यंत निंदनीय है।
भावुक होते हुए श्री महाना ने कहा, “मुझे इस बात पर विचार करना पड़ेगा कि मैं इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं। पिछले साढ़े चार वर्षों में जो प्रयास मैंने किए, वे उचित थे या अनुचित। मैं इस पर आत्ममंथन करूंगा और शीघ्र ही निर्णय लूंगा।” इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 12:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।