
प्रयागराज, 5 अगस्त । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और निर्बाध बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। पुलिस लाइन स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आई-ट्रिपलसी) में विशेष ट्रैफिक मॉनिटरिंग रूम स्थापित किया गया है, जहां से कांवड़ मार्गों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहर में लगाए गए करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड के माध्यम से कांवड़ियों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम में अलग-अलग शिफ्टों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि हर समय स्थिति पर निगरानी बनी रहे।
प्रयागराज शहर में कांवड़ियों के प्रवेश के छह प्रमुख मार्गों की अलग-अलग मॉनिटरिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम में बनाए गए तीन विशेष मॉनिटरिंग नोड्स के माध्यम से प्रत्येक रूट की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कहीं भी यातायात का दबाव बढ़ने या जाम की स्थिति बनने पर तत्काल संबंधित थाना, चौकी, एसीपी और ट्रैफिक की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को सूचना भेजी जाती है, जिससे समय रहते व्यवस्था को सामान्य किया जा सके।स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से वाराणसी मार्ग, फूलपुर मार्ग सहित प्रमुख कांवड़ रूट की निगरानी की जा रही है। कैमरों के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कांवड़ियों के लिए आरक्षित लेन में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश न हो। इसके अलावा डिवाइडर कट बंद हैं या नहीं, कहीं अवैध रूप से रास्ता तो नहीं खोला गया है और सहायक मार्गों से वाहनों की आवाजाही तो नहीं हो रही है, इन सभी बिंदुओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस केवल सीसीटीवी कैमरों पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि समानांतर मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए गूगल मैप्स की भी सहायता ली जा रही है। किसी भी स्थान पर ट्रैफिक कंजेशन की जानकारी मिलते ही कंट्रोल रूम से संबंधित अधिकारियों और क्यूआरटी को तत्काल अलर्ट भेजा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जाम की स्थिति को समाप्त कराया जाता है।एडीसीपी ट्रैफिक आईपीएस पुष्कर वर्मा ने बुधवार को बताया कि ट्रैफिक कंट्रोल रूम से कांवड़ यात्रा के पूरे रूट की एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और गूगल मैप्स की मदद से हर समय यातायात की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि कहीं भी जाम की आशंका होने पर स्थानीय पुलिस, क्यूआरटी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सक्रिय कर स्थिति को नियंत्रित किया जाता है। पुलिस का उद्देश्य कांवड़ियों की सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहर में सामान्य यातायात को भी सुचारु बनाए रखना है।