
शामली, 5 अगस्त। उत्तर प्रदेश में शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में बुधवार को पुलिस मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश फुरकान मारा गया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस के अनुसार झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना के जंगल में फुरकान की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख फुरकान ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल फुरकान और घायल सिपाही को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने फुरकान को मृत घोषित कर दिया।
फुरकान कुख्यात मुकीम काला गिरोह का सक्रिय सदस्य था और उस पर हत्या, लूट, रंगदारी समेत करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।पुलिस के अनुसार फुरकान वर्ष 2016 में कैराना के व्यापारी नेता विनोद सिंघल की दिनदहाड़े हत्या का आरोपी था। इसके बाद रंगदारी का विरोध करने पर कैराना के दो अन्य व्यापारियों की हत्या में भी उसकी अहम भूमिका बताई गई थी। इन घटनाओं के बाद कैराना से व्यापारियों और कई हिंदू परिवारों के पलायन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।
फुरकान को वर्ष 2017 में कांधला थाना क्षेत्र के गांव आल्दी के जंगल में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया। वर्ष 2019 में वह नशे की तस्करी के मामले में भी गिरफ्तार हुआ। वर्ष 2021 में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया, लेकिन जमानत मिलने के बाद फिर फरार हो गया। पिछले करीब चार वर्षों से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।भाजपा के तत्कालीन कैराना सांसद हुकुम सिंह ने 30 मई 2016 को कैराना से व्यापारियों और हिंदू परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाते हुए 346 परिवारों की सूची सार्वजनिक की थी। इसके बाद तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ने फुरकान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया।