
लखनऊ, 07 अगस्त । उत्तर प्रदेश में अगले चार-पांच दिनों के दौरान प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि अगले कुछ दिनों में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया गया है।मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से निम्न दबाव क्षेत्र बना है। इसके साथ मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है और श्रीगंगानगर, दिल्ली, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, रांची और दीघा होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। दक्षिणी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे लगे बांग्लादेश के आसपास ऊपरी क्षोभमंडल तक बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अगले 24 घंटे में तटीय गांगेय पश्चिम बंगाल तथा उससे लगी उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
विभाग के मुताबिक यह निम्न दबाव क्षेत्र मानसूनी द्रोणी की अक्षरेखा के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से अगले चार-पांच दिनों के दौरान विशेषकर प्रदेश के दक्षिणी भाग में मानसूनी प्रवाह के मजबूत होने और कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है।मौसम विभाग ने सात अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है। आठ अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। नौ और 10 अगस्त को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है, जबकि 11 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार सात अगस्त को शामली, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना अधिक है।आठ अगस्त को सोनभद्र और मिर्जापुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। नौ अगस्त को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश हो सकती है। 10 अगस्त को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी वर्षा की संभावना है। 11 अगस्त को आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में सुबह साढ़े आठ बजे तक संभल के गुन्नौर में 134 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो भारी से बहुत भारी वर्षा की श्रेणी में रही। फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ सीडब्ल्यूसी में 68.2, कायमगंज में 65.3, बुलंदशहर के नरौरा में 110.4, हमीरपुर के राठ में 93, जालौन के कालपी सीडब्ल्यूसी में 86.8, बागपत के खेकड़ा में 84, फिरोजाबाद के निकटवर्ती क्षेत्र में 76, महोबा के चरखारी में 74 और मुजफ्फरनगर के जानसठ में 67.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव की स्थिति बन सकती है। कच्चे, असुरक्षित और अस्थायी ढांचों को आंशिक नुकसान पहुंचने के साथ बिजली आपूर्ति में व्यवधान की संभावना भी जताई गई है। बारिश के दौरान कच्ची सड़कें फिसलन भरी होने और दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसमी नालों और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की भी आशंका है।
मौसम विभाग ने लोगों को अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने और पक्के अथवा सुरक्षित मकानों में शरण लेने की सलाह दी है। अस्थायी और असुरक्षित संरचनाओं को सुरक्षित करने अथवा खाली करने, मौसमी नदी-नालों और खतरे के निशान के आसपास बह रही नदियों से दूर रहने तथा गड्ढों, पोखरों और तालाबों में न जाने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सात अगस्त तक प्रदेश में कुल 331.3 मिलीमीटर मौसमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 409 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 19 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 325.6 मिलीमीटर के मुकाबले 436.7 मिलीमीटर सामान्य वर्षा होती है, जिससे यहां 25 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 339.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 370.3 मिलीमीटर है।
प्रदेश में मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में सामान्य से अत्यधिक अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि एटा, इटावा, फिरोजाबाद और हमीरपुर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। दूसरी ओर भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशाम्बी, कुशीनगर, मऊ, पीलीभीत और शामली में सामान्य से अत्यधिक कम बारिश दर्ज की गई है।मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान गन्ने, अरहर, खरीफ मक्का, धान, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों समेत विभिन्न फसलों में जलभराव से होने वाले नुकसान की आशंका जताई है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने और भारी बारिश के दौरान उर्वरकों अथवा रसायनों का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है। सब्जी उत्पादकों को भारी बारिश से पहले तैयार फलों की तुड़ाई करने की सलाह दी गई है।