
नयी दिल्ली, 12 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारत के युवाओं को न केवल देश का भविष्य, बल्कि वर्तमान में देश की “सबसे बड़ी ताकत” बताया। उन्होंने युवाओं की संवेदनशीलता, सेवा की भावना और क्षमताओं पर प्रकाश डाला।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे युवा साथी न केवल देश का भविष्य हैं, बल्कि वर्तमान में देश की सबसे बड़ी ताकत भी हैं। उन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवा की भावना और क्षमता के माध्यम से दुनिया भर में एक अलग पहचान बनाई है।”उन्होंने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया: “चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्, प्रसादयति यो लोकं तं लोकोस्नुप्रसीदति।” इस श्लोक का संदेश है कि जो व्यक्ति दृष्टि, मन, वाणी और कर्म—इन चार माध्यमों से लोगों का दिल जीतता है या उनकी सेवा करता है, उसे बदले में समाज से स्नेह और सद्भावना मिलती है।
प्रधानमंत्री के संदेश ने युवाओं को भारत के वर्तमान और भविष्य के विकास के केंद्र में रखा, साथ ही सहानुभूति, सेवा और व्यक्तिगत क्षमता जैसे मूल्यों पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर देश को पहचान दिलाने में युवा भारतीयों के योगदान को भी रेखांकित किया।श्री मोदी ने राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर बार-बार ज़ोर दिया है, विशेष रूप से नवाचार , उद्यमिता, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी और जन-सेवा जैसे क्षेत्रों में। सरकार ने देश की युवा आबादी को ‘विकसित भारत’ के अपने व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने का प्रयास भी किया है।
क्षमता के साथ-साथ संवेदनशीलता और सेवा की भावना को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री के इस नवीनतम संदेश ने यह रेखांकित करने का प्रयास किया कि युवा भारतीयों का योगदान केवल आर्थिक और पेशेवर उपलब्धियों तक ही सीमित नहीं है। संदेश के अनुसार, समाज के साथ उनका जुड़ाव, जन-सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और व्यापक समुदाय में योगदान देने की उनकी इच्छा देश की प्रगति के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।