
लखनऊ, 13 अगस्त । उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में खराब होने वाले कृषि एवं खाद्य उत्पादों की लॉजिस्टिक्स, एयर कार्गो और निर्यात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स शक्ति एंटरप्राइज (एलएसई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सातवें एसीएफआई वर्ल्ड कॉन्क्लेव-2026 के दौरान किये गये एमओयू के तहत कोल्ड चेन अवसंरचना, एयर कार्गो नेटवर्क, बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स, कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन तथा वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप जेवर एयरो लॉजिस्टिक्स एवं पेरिशेबल एक्सपोर्ट हब विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश की कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र की क्षमता तथा जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत तेजी से विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स ढांचे पर आधारित है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में 22 हजार वर्ग मीटर का कार्गो वेयरहाउसिंग क्षेत्र और 24 घंटे संचालन के लिए दो समर्पित मालवाहक विमान बे विकसित किए जा रहे हैं।एमओयू के तहत खराब होने वाले उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक दक्ष बनाने, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा वैश्विक बाजारों तक पहुंच सुदृढ़ करने के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। यह केंद्र अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
समझौते के अंतर्गत व्यवहार्यता अध्ययन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), कारोबारी योजना, निवेश रणनीति, तकनीकी सहायता, कार्यक्रम प्रबंधन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग किया जाएगा। एयर कार्गो, कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग, बहु-माध्यम परिवहन तथा निर्यात संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाना भारतीय विनिर्माण और निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एयर कार्गो नीति, पीएम गति शक्ति और उड़ान योजना के माध्यम से देश में बहु-माध्यम संपर्क को मजबूती मिल रही है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, समर्पित माल ढुलाई गलियारों, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्कों और औद्योगिक गलियारों के माध्यम से राज्य वैश्विक व्यापार और कार्गो हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।लॉजिस्टिक्स शक्ति एंटरप्राइज के निदेशक अमित शंखधर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खराब होने वाले उत्पादों के निर्यात और एयर कार्गो अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाने की व्यापक संभावनाएं हैं। यह सहयोग आपूर्ति श्रृंखला की कमियों को दूर कर अधिक कुशल और निर्यातक-अनुकूल लॉजिस्टिक्स तंत्र विकसित करने में मदद करेगा।
एलएसई के निदेशक कमल नारायण ओमर ने कहा कि प्रस्तावित जेवर एयरो लॉजिस्टिक्स एवं पेरिशेबल एक्सपोर्ट हब राज्य के उत्पादन केंद्रों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। इससे उत्पादकों को वैश्विक बाजारों तक तेज और प्रभावी पहुंच उपलब्ध होगी।सूत्रों के अनुसार यह एमओयू गैर-वित्तीय प्रकृति का है और इससे किसी भी पक्ष पर कोई वित्तीय दायित्व नहीं बनता। समझौता हस्ताक्षर की तिथि से पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा तथा दोनों पक्षों की सहमति से इसकी अवधि बढ़ाई जा सकेगी।