
इटावा, 13 अगस्त। उत्तर प्रदेश के इटावा में भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर भाजपा विधायक सरिता भदौरिया और ब्राह्मण समाज के कुछ लोगों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोग विधायक से भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में विधायक लोगों से चंदा एकत्र कर प्रतिमा स्थापित कराने और उद्घाटन के लिए आमंत्रित करने की बात कहती सुनाई दे रही हैं। वीडियो के अंत में आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है।
ब्राह्मण समाज से जुड़े आयुष चौधरी और रिशु चौधरी सहित कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया है कि प्रतिमा स्थापना की मांग करने पर विधायक नाराज हो गईं। उनका आरोप है कि बाद में विधायक के एक समर्थक की ओर से उनके खिलाफ इटावा कोतवाली में एससी/एसटी एक्ट और रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया गया।पुलिस सूत्रों के अनुसार इटावा कोतवाली में अंकित नामक व्यक्ति की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ख्वाजा रोड क्षेत्र में कुछ लोगों ने उसे घेरकर धमकी दी और 20 हजार रुपये की मांग की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद ब्राह्मण समाज के कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी व्यक्त की है। वहीं कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं ने भी मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी है। इस बीच भाजपा विधायक सरिता भदौरिया ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह किसी भी समाज का अपमान नहीं कर सकतीं और न ही उन्होंने ऐसा कोई व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि दर्ज कराए गए मुकदमे से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उनके अनुसार संबंधित व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।