
लखनऊ, 28 सितंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने युवाओं, पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की अनदेखी की, वे अब नए स्लोगन के साथ अपना स्वरूप बदलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने 11 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को मंच से अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे और सभी नवनियुक्त अधिकारियों तथा उनके परिजनों को बधाई दी। योगी ने कहा कि सरकार ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे।’’ उन्होंने बताया कि 20 सितंबर के बाद यह चौथी नियुक्ति प्रक्रिया है और अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में योग्यता होने के बावजूद युवाओं को केवल इसलिए नौकरी नहीं मिलती थी क्योंकि उनके पास किसी की सिफारिश या पहुंच नहीं थी।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं और पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलने की खुशी केवल चयनित युवक या युवती तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे परिवार के लिए यह उत्सव का अवसर होता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग प्रदेश के विकास में करने का आह्वान किया।
योगी ने कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले माफिया के सामने शासन-प्रशासन झुकता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है और गरीब की जमीन पर कब्जा करने तथा व्यापारियों से फिरौती मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 सितंबर शहीद भगत सिंह की जयंती है। भगत सिंह ने 23 वर्ष की आयु में देश के लिए बलिदान दिया था और आज नियुक्ति पत्र पाने वाले अनेक युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का सपना देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा था।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश पिछड़े राज्यों में शामिल था, जबकि अब वह देश के अग्रणी राज्यों में है। उनके अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को गांवों के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को भी अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो ग्राम पंचायत जितनी आय अर्जित करेगी, सरकार उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से गांव में ही विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल और बीसी सखी समेत अन्य कर्मियों की मौजूदगी से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि अन्नपूर्णा भवन, उचित दर की दुकानों, सामुदायिक शौचालयों और अन्य गतिविधियों से गांवों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
योगी ने कहा कि प्रत्येक गांव में पांच से सात रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंदगी और शुद्ध पेयजल का अभाव गांवों में बीमारियों का प्रमुख कारण रहा है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान और हर घर नल योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने ग्राम पंचायतों में युवाओं को प्लंबर का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा और जलापूर्ति की छोटी समस्याओं का तत्काल समाधान भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गांवों को विकसित और आत्मनिर्भर बनाए बिना विकसित उत्तर प्रदेश की कल्पना पूरी नहीं हो सकती।
योगी ने पिछले दिनों हुई भारी बारिश का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत करीब 65 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन आवासों के कारण बारिश के दौरान बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को सुरक्षित आश्रय मिला।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उस समय पूर्वांचल के कई जिलों में इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौत होती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों का दौरा तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर काम किया है।