बुमराह की गैर- मौजूदगी में कम अनुभवी तेज गेंदबाजी यूनिट पर भरोसा है: मोर्केल

बुमराह की गैर- मौजूदगी में कम अनुभवी तेज गेंदबाजी यूनिट पर भरोसा है: मोर्केल

नयी दिल्ली, 13 अगस्त। भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने जसप्रीत बुमराह की गैर-मौजूदगी में कम अनुभवी तेज गेंदबाजी यूनिट पर भरोसा व्यक्त करते हुए कहा कि कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और मानव सुथार के रूप में तीन अलग-अलग बाएं हाथ के स्पिनर होने से टीम को लचीलापन मिलता है।

शनिवार को गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेला जायेगा। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए बुमराह के उपलब्ध न होने के कारण, मोहम्मद सिराज के अलावा भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण काफी अनुभवहीन लग रहा है। प्रसिद्ध कृष्णा ने अब तक सिर्फ़ सात टेस्ट खेले हैं, जबकि गुरनूर बरार और आकिब नबी ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है।मोर्केल ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि यह रोमांचक है। इन सभी खिलाड़ियों ने अपनी स्किल के दम पर काफी तरक्की की है। कुछ समय पहले ‘ए’ टीम में गुरनूर (बरार) काफी सफल रहे थे, इसलिए उन्हें वहां की परिस्थितियों का कुछ अंदाज़ा है। प्रसिद्ध और सिराज ने घरेलू स्तर पर काफी क्रिकेट खेला है, जहां गेंदबाजी के लिए परिस्थितियां मुश्किल होती हैं।”

बाएं हाथ के तीन स्पिनरों के अलावा, भारत के पास बिना अंतरराष्ट्रीय मैच खेले खिलाड़ी (अनकैप्ड) सारांश जैन के रूप में एक अतिरिक्त ऑफ-स्पिनर भी है, जिससे कप्तान शुभमन गिल को अटैक चुनने में काफी लचीलापन मिलता है।मोर्केल ने कहा कि चार स्पिनरों की अलग-अलग खूबियों से भारत को लचीलापन मिलता है और उन्होंने सुझाव दिया कि अगर गिल को लगता है कि परिस्थितियों के हिसाब से तीन स्पिनरों को खिलाना सही है, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

मोर्कल ने कहा, “कुलदीप हैं। वह हमारे लिए अटैकिंग बॉलर हैं। जडेजा का अनुभव और क्लास ऐसी चीज़ है जिसे हम नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि वे सभी अपने-अपने तरीके से अलग हैं। एक गेंद को थोड़ा ज़्यादा घुमाता है; दूसरा थोड़ा ज़्यादा सटीक है। मुझे नहीं लगता कि यह हमारे लिए कोई बड़ी चिंता की बात है (तीन स्पिनरों को खिलाने की संभावना पर)। यह बस इस बात पर निर्भर करता है कि शुभमन (गिल) खास मौकों पर उन खिलाड़ियों का इस्तेमाल कैसे करते हैं। लेकिन हाँ, स्किल के मामले में, उनके पास हमारे लिए 20 विकेट लेने की काबिलियत है।”पिच की अगर बात की जाये तो गाले की पिच आम तौर पर स्पिनरों की मददगार रही है और उम्मीद है कि टेस्ट मैच आगे बढ़ने के साथ-साथ यह धीमी गति के गेंदबाजों के लिए और भी अनुकूल होती जाएगी। मोर्केल का मानना है कि इससे तीन स्पिनरों के साथ गेंदबाजी करना डिफेंसिव के बजाय एक आक्रामक विकल्प बन सकता है।

उन्होंने कहा, “अगर आप इस मैदान, आंकड़ों और यहाँ खेले गए मैचों को देखें, तो तीन स्पिनरों के साथ खेलना ही सही तरीका लगता है। मुझे लगता है कि जिस तरह से हम अपने स्पिन गेंदबाजी अटैक और स्पिनरों का इस्तेमाल करते हैं, वह एक बहुत ही आक्रामक विकल्प है। आप एक तरफ से सीम गेंदबाजी से दबाव बना सकते हैं और दूसरी तरफ से स्पिनरों को गेंदबाजी करने का मौका दे सकते हैं। यह एक अच्छी पिच लग रही थी, और मुझे लगता है कि जैसे-जैसे टेस्ट मैच आगे बढ़ेगा, पिच में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। हमने हर तरह की स्थिति के लिए तैयारी की है। उन्होंने कहा कि कूकाबुरा गेंद के नरम होने के बाद, हम किस तरह तीव्रता के साथ लगातार ओवर फेंक सकते हैं और दबाव बना सकते हैं, यह अहम है। हमने पिछले कुछ महीनों में ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है, और वापस उस फॉर्मेट में लौटना एक चुनौती होगी। मैं इसे लेकर काफी उत्साहित हूं, और हम यह देखने के लिए भी उत्साहित हैं कि ये खिलाड़ी कैसे चुनौती का सामना करते हैं, पार्टनरशिप बनाते हैं और दबाव बनाते हैं।”उल्लेखनीय है कि पहला टेस्ट 15 अगस्त को गाले में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी में खेला जाएगा।

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