
लखनऊ, 14 अगस्त । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा है कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भाईचारे और सद्भाव की विरासत को संरक्षित रखना और पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है।
श्री सिंह ने शुक्रवार को ‘यूनीवार्ता’ से बातचीत में कहा, “ लखनऊ की विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के माध्यम से इसके विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। हवाई कनेक्टिविटी को भी पहले से बेहतर करने का काम किया किया गया है।”भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्थानीय सांसद राजनाथ के पुत्र नीरज सिंह को प्रदेश का उपाध्यक्ष बनाया था। इसके बाद से ही नीरज सिंह लगातार कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। अभी उनको पार्टी ने तिरंगा यात्रा अभियान की ज़िम्मेदारी सौंपी थी जिसको उन्होंने बखूबी निभाने का काम किया।
भाजपा संगठन में इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने के बाद आगे आने वाली चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होने कहा, “ बड़ी ज़िम्मेदारी मिलना हमारे लिए चुनौती की बजाय एक बड़ा अवसर है। पार्टी ने हमारे ऊपर जो भरोसा जताया है उस पर खरा उतरने का काम करूँगा। पार्टी के कार्यकर्तावों की सेवा ही एक मात्र लक्ष्य है।”श्री सिंह ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए हम चरैवेती चरैवेती के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ता के नाते हमारी ज़िम्मेदारी है कि पार्टी के कार्यक्रमों को जन जन तक पहुँचाने के लिए पूरी ताक़त के साथ धरातल पर काम करें। लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर में प्रभावित गुणवत्ता को लेकर भाजपा सरकार की छवि ख़राब होने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में विकास की बयार वहाँ तक पहुँची है जहाँ तक किसी ने कल्पना नहीं की थी। कौन सोचता था कि बुंदेलखंड तक एक्सप्रेसवे पहुँचेगा लेकिन भाजपा की सरकार में ये काम हुआ है। पहले की सरकारों का विकास केवल सैफ़ई और कन्नौज तक ही सीमित था। जहां तक लखनऊ कानपुर कॉरिडोर का सवाल है तो निश्चित तौर पर इसको लेकर कड़ा कदम उठाया जा रहा है और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा, “ सीधे तौर पर देखा जाए तो अंग्रेजी में एक कहावत है, “ मोर वर्क मोर पेन, नो वर्क नो पेन”। मेरे कहने का मतलब है कि ज़्यादा विकास होगा तो ज़्यादा समस्याएं भी आयेंगी लेकिन जब पहले की सरकारों में तो काम ही नहीं होता था तो समस्याएं कहां से आयेंगी।”दिल्ली में जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार लगातार कड़े कदम उठा रही है। इसको लेकर संसद में कड़ा कानून भी बनाया गया है लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को केवल छात्रों को मोहरा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने से मतलब है। वही पार्टियां झारखंड में हो रहे प्रदर्शन पर चुप क्यों हैं।
प्रयागराज में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम पर सवाल खड़े करते हुए श्री सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस प्रयागराज में छात्रों की गूंज नाम से एक कार्यक्रम करती और दावा करती है कि इसमें लाखों की संख्या में छात्र शामिल होंगे लेकिन जब कार्यक्रम हुआ तो वहां हजारों की संख्या में ही लोग पहुंचे। जितनी भीड़ राहुल गांधी के कार्यक्रम में आई उतनी तो प्रयागराज में किसी प्रतियोगी परीक्षा के दौरान भीड़ जुट जाती है।श्री सिंह से यह पूछे जाने पर कि जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा युवाओं के भरोसे को कैसे जीतेगी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश का युवा पहले भी भाजपा के साथ था और आगे भी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं की बेहतरी के लिए जितना काम किया है उतना किसी भी सरकार ने नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में प्रति वर्ष रोजगार मेले का आयोजन होता है। अभी पिछले साल ही लखनऊ और आस पास के जिलों के आठ हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने का काम किया गया था। ये रोजगार मेला हर साल लगता है जिसका लाभ युवाओं को मिलता है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर पूछे गए एक सवाल को लेकर नीरज सिंह ने कहा कि जिनको प्रभु श्रीराम से कोई मतलब नहीं है, जिनकी कोई आस्था नहीं है वही लोग जानबूझकर सनातन संस्कृति को बदनाम करने का कुचक्र रच रहे हैं। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एसआईटी का गठन कर दिया था और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। आगे इस मामले की जांच माननीय सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में हो रहा है जिसका सभी को स्वागत करना चाहिए।