वंदे मातरम के विरोध और भगवा के अपमान पर साध्वी ऋतंभरा का प्रहार, ‘दिमागी नक्सलवाद’ पर जताई चिंता

वंदे मातरम के विरोध और भगवा के अपमान पर साध्वी ऋतंभरा का प्रहार, ‘दिमागी नक्सलवाद’ पर जताई चिंता

मथुरा, 17 अगस्त। वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम में सोमवार को साध्वी ऋतंभरा ने देश के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ‘वंदे मातरम’ का विरोध करने वालों, भगवा वस्त्र के अपमान तथा युवाओं को भटकाने वाली विचारधाराओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति के प्रतीकों का अनादर किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत से असहजता प्रकट करना और उसका विरोध करना राष्ट्रभावना को आहत करने वाला कृत्य है। देश ने देखा है कि कुछ लोग इस गीत को लेकर असहज हो जाते हैं, जबकि यह राष्ट्र की एकता और गौरव का प्रतीक है। उनके अनुसार राष्ट्रगीत का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने सांसद पप्पू यादव का नाम लेते हुए संसद में उनके व्यवहार और साधु वेश धारण करने को लेकर आपत्ति जताई। साध्वी ने कहा कि भगवा वस्त्र तप, त्याग और बलिदान का प्रतीक है तथा इसका अपमान समाज की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि समाज की सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए।देश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और नैतिक मूल्यों में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कार और नैतिक शिक्षा के अभाव का प्रभाव समाज में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण और नैतिक शिक्षा को मजबूत किए बिना स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।

राम जन्मभूमि और अन्य धार्मिक आस्था केंद्रों को लेकर फैलाए जाने वाले दुष्प्रचार का उल्लेख करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि चढ़ावे और चंदे को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर लोगों की श्रद्धा को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने ऐसे कृत्यों की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता बताई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि देश ने सशस्त्र नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पाया है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सलवाद’ की चुनौती सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विचारधाराएं युवाओं को भ्रमित कर उन्हें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की ओर प्रेरित करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अधिकारों की मांग करना उचित है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति असम्मान स्वीकार्य नहीं हो सकता।

साध्वी ऋतंभरा ने बताया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वात्सल्य ग्राम में निर्मित ‘वात्सल्यम’ भवन का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर ‘राष्ट्र रक्षा सूत्र यात्रा’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र भी भेंट किया जाएगा तथा उनके संबोधन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *