योगी ने बढ़ाया कोटेदारों का लाभांश, बोले- अब 15 करोड़ लोगों को मिल रहा निःशुल्क राशन

योगी ने बढ़ाया कोटेदारों का लाभांश, बोले- अब 15 करोड़ लोगों को मिल रहा निःशुल्क राशन

लखनऊ, 17 अगस्त । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2017 से पहले राशन वितरण व्यवस्था भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से ग्रस्त थी, जबकि वर्तमान में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के लगभग 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गरीबों के राशन कार्ड तक हड़प लिए जाते थे, लेकिन अब व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनी है।मुख्यमंत्री लोकभवन में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में वृद्धि की घोषणा करते हुए मार्जिन मनी को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें 10 रुपये का योगदान केंद्र सरकार तथा 25 रुपये का योगदान राज्य सरकार का है। साथ ही भारत सरकार को अतिरिक्त 25 रुपये की वृद्धि के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है।

उन्होने कहा कि उचित मूल्य विक्रेता शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं तथा दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को धरातल पर पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राशन वितरण में गड़बड़ियों के कारण कोटेदारों की छवि भी प्रभावित होती थी, जबकि अब ई-पॉस मशीनों, डोर-स्टेप डिलीवरी और तकनीक आधारित निगरानी से पूरी व्यवस्था पारदर्शी हुई है। उन्होंने दावा किया कि 2017 में जनता दर्शन में आने वाली एक हजार शिकायतों में लगभग 300 शिकायतें राशन वितरण से जुड़ी होती थीं, जबकि अब ऐसी शिकायतें लगभग समाप्त हो गई हैं।योगी ने कहा कि प्रदेश में 10 हजार से अधिक राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अब उचित दर विक्रेता राशन वितरण के अलावा निर्धारित 39 प्रकार की अन्य वस्तुओं की बिक्री भी कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि औसतन 100 कुंतल अनाज वितरण करने वाले विक्रेता की मासिक आय अब बढ़कर लगभग 16,250 रुपये हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसानों से खाद्यान्न खरीद में भी व्यापक स्तर पर हेराफेरी होती थी और बिचौलियों के कारण किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सीधे किसानों से धान, गेहूं, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खरीद कर रही है तथा भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भेजा जा रहा है।उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि अन्नपूर्णा भवनों और उचित दर दुकानों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों तथा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के सामानों को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से कारीगरों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय, राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा, राज्यसभा सांसद बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर विभिन्न राशन विक्रेता संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद पत्र सौंपकर लाभांश वृद्धि के लिए आभार व्यक्त किया।

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