
कानपुर, 17 अगस्त। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल चेतावनी बिंदु और खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को लगातार हो रही वर्षा के मद्देनजर सदर तहसील के कटरी क्षेत्र स्थित ग्राम चैनपुरवा का निरीक्षण कर गंगा नदी के जलस्तर तथा संभावित जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान रवि निषाद ने बताया कि इस वर्ष अब तक गांव में किसी प्रकार का जलभराव नहीं हुआ है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।जिलाधिकारी ने गंगा नदी के वर्तमान जलस्तर की जानकारी लेने के साथ ही नाविकों की उपलब्धता, नावों की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले संसाधनों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से तैयार रखी जाएं और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में गंगा का जलस्तर सुरक्षित स्थिति में है तथा चेतावनी बिंदु और खतरे के निशान से नीचे है। फिलहाल किसी प्रकार की चिंताजनक स्थिति नहीं है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने जलस्तर में वृद्धि अथवा जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह तथा तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय, लोअर गंगा कैनाल (एलजीसी) के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.580 मीटर तथा डाउनस्ट्रीम में 113.430 मीटर दर्ज किया गया। कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बैराज से 2,92,469 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है। कानपुर बैराज का चेतावनी स्तर 114.000 मीटर तथा खतरे का निशान 115.000 मीटर निर्धारित है। खतरे के स्तर पर डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक माना जाता है।उन्नाव जिले के शुक्लागंज गेज स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 112.220 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर दोनों बिंदुओं से नीचे बना हुआ है। ऊपरी क्षेत्रों में स्थित हरिद्वार बैराज से 93,770 क्यूसेक तथा नरोरा बैराज से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग की ओर से नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।