
गॉल, 18 अगस्त । पहले टेस्ट का चौथा दिन भारत के ही नाम रहा, हालांकि दूसरी पारी में श्रीलंकाई गेंदबाज़ों ने भारत को 193 पर ही समेट दिया था लेकिन तब तक भारत की कुल बढ़त 371 की हो गई थी। ऋषभ पंत ने बेहतरीन 66 रन बनाए तो असिता ने चार विकेट भी झटके। 372 के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ने मंगलवार को स्टंप्स तक चार विकेट 84 रन पर गंवा दिए हैं और अभी भी उन्हें 288 रन बनाने हैं जबकि भारत को पांचवें और आख़िरी दिन छह विकेट की दरकार है। पांचवें दिन बारिश की संभावना है तो ज़रूर लेकिन इतनी ज़्यादा भी नहीं कि मैच पर असर डाले।शाम को छह बजकर आठ मिनट पर अंपायरों ने फिर से रोशनी की जांच की और रोशनी इतनी कम हो गई थी कि खेल को दिन के लिए खत्म करने का फैसला किया गया। चौथे दिन का खेल खत्म हो गया और भारत टेस्ट में मज़बूत स्थिति में है। मेहमान टीम ने तेज़ी से रन बनाने के इरादे से दिन की शुरुआत की और पारी के ज़्यादातर हिस्से में वे इसी तरह खेलते रहे। सिर्फ़ तीन बल्लेबाज़ दहाई के अंक तक पहुँच पाए। केएल राहुल (35) और देवदत्त पडिक्कल (44) ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े, लेकिन ऋषभ पंत की तेज़-तर्रार 66 रनों की पारी ने उन्हें अच्छी स्थिति में पहुँचा दिया। श्रीलंका ने पारी के ज़्यादातर समय अच्छी गेंदबाज़ी की, लगातार हमला किया और भारत को दूसरी पारी में 193 रनों पर रोकने में कामयाब रहे। लेकिन कुल बढ़त 371 रनों की थी और गॉल में किसी भी टीम ने चौथी पारी में इतने रन का पीछा नहीं किया है।
निशान फर्नांडो दूसरी पारी में भी सस्ते में आउट हो गए। कनकशन सब्स्टिट्यूट पासिंदु सूरियाबंदारा अपने डेब्यू मैच में पहली ही गेंद पर आउट हो गए, कामिंदु ने एक गेंद का पीछा किया और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में चली गई, जबकि लाहिरू उदारा शायद थोड़े बदकिस्मत रहे क्योंकि गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर गली में चली गई। धनंजय डी सिल्वा (नाबाद 31) को 7 रन पर जीवनदान मिला जब वे नो-बॉल पर कैच आउट हो गए थे और वे डटकर खेल रहे हैं। सोनल दिनुशा (नाबाद 25) सकारात्मक दिखे हैं, लेकिन मेज़बान टीम के लिए अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। मौजूदा स्थिति के अनुसार, भारत को 1-0 की बढ़त बनाने के लिए 6 विकेट चाहिए, जबकि घरेलू टीम को जीत के लिए 288 रनों की ज़रूरत है। इससे गॉल में होने वाले इस टेस्ट का रोमांचक अंत होने की उम्मीद है।भारत की तरफ से मानव सुथार ने दो विकेट तथा मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक विकेट लिया।