
लखनऊ, 19 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश असीमित संभावनाओं वाला प्रदेश है और विकास की दौड़ में अब दुनिया का कोई देश तथा भारत का कोई अन्य राज्य इसकी बराबरी नहीं कर सकता। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे “बड़ा सोचो, यूपी जैसा सोचो” के मंत्र के साथ आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को गोमतीनगर के विभूति खंड स्थित होटल ताज पैलेस का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने होटल का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन भी किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में ताज पैलेस का आगमन उत्तर प्रदेश की बदलती पहचान, बढ़ते निवेश और आर्थिक गतिविधियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज, अयोध्या, काशी और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन शहरों में भी इस स्तर के आतिथ्य प्रतिष्ठानों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आत्मा का केंद्र है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थल इसकी विशिष्ट पहचान हैं। गंगा, यमुना और सरयू जैसी नदियां प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध बनाती हैं। पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश ने अपनी विरासत को विकास से जोड़ते हुए नई पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर था, जबकि वर्ष 2025 में प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर लगभग 156 करोड़ पर्यटकों ने भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि विरासत और विकास के संतुलित समन्वय ने उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी पर्यटन केंद्रों में स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ देश का तीसरा ऐसा शहर बन गया है जहां ताजमहल होटल और ताज पैलेस होटल दोनों मौजूद हैं। ताज पैलेस में 181 कमरे और सुइट्स, एक भव्य प्रेसिडेंशियल सुइट तथा लगभग 10 हजार वर्ग फुट का स्तंभ रहित बैंक्वेट हॉल उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल से प्रत्यक्ष रूप से लगभग 600 लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि इसकी आपूर्ति श्रृंखला और अन्य गतिविधियों के माध्यम से सैकड़ों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
प्रदेश के बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। इसके अलावा कई शहरों में मेट्रो रेल, क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अंतर्देशीय जलमार्ग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से प्रदेश का निर्यात लगभग दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश के लिए विश्वस्तरीय आतिथ्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।
योगी आदित्यनाथ ने ताज समूह से स्थानीय खानपान और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ को यूनेस्को द्वारा ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा प्राप्त है। अवध के प्रसिद्ध व्यंजनों के साथ-साथ पूर्वांचल के बाटी-चोखा, सत्तू तथा मोटे अनाज से बने खाद्य पदार्थों को भी होटल उद्योग में प्रमुखता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश बैठक में जापान के उद्योग जगत ने हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, आधुनिक प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश की गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने बताया कि जापान से आया प्रतिनिधिमंडल ताज पैलेस का पहला अतिथि बनेगा