चित्रकूट, बांदा जिलों में पान मसाला , तम्बाकू पर जीएसटी की चोरी के नेटवर्क का भंडाफोड़

चित्रकूट, बांदा जिलों में पान मसाला , तम्बाकू पर जीएसटी की चोरी के नेटवर्क का भंडाफोड़

नयी दिल्ली, 21 अगस्त। माल एवं सेवाकर खुफिया महानिदेशालय ( डीजीजीआई ) ने उत्तर प्रदेश में पान मसाला और तंबाकू के अवैध उत्पादन नेटवर्क का भंडाफोड़ कर के करीब 185 करोड़ रुपये की कर चोरी का पता लगाने का दावा किया है। इस मामले में 27 अघोषित पाउच-पैकिंग मशीनें जब्त की गईं हैं तथा पान मसाला बनाने वाली एक इकाई के मालिक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजीजीआई की लखनऊ क्षेत्रीय इकाई ने चित्रकूट और बांदा जिलों में छह परिसरों में फैले पान मसाला, सुगंधित जर्दा और गुटखा के अवैध उत्पादन से जुडे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इकाई द्वारा प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने 18 अगस्त रात में इन परिसरों में समन्वित तलाशी अभियान शुरू किया। ये परिसर दो फर्मों से जुड़े हुए हैं—इनमें से एक पान मसाला और संबद्ध उत्पादों के उत्पादन तथा कुछ दूसरे तरह के व्यवसाय करती है।

विज्ञप्ति में कहा कि तलाशी के दौरान 27 अघोषित पाउच-पैकिंग मशीनों का पता चला, जिनमें सुगंधित जर्दा बनाने की 6, पान मसाला के लिए 9 तथा दोहरा/देसी गुटखा बनाने की 12 मशीनें शामिल हैं। इसके अलावा, मिश्रण, सुपारी की क्रशिंग और सुखाने वाली मशीनें भी मिलीं।कार्रवाई के दौरान पान मसाला, चबाने वाला तंबाकू, सुगंधित जर्दा और सुगंधित सुपारी के तैयार माल के 15,50,922 पाउच जब्त किए गए। जब्त किए गए कच्चे माल और पैक की गई सामग्री में 32.9 टन सुपारी एवं कटी हुई सुपारी, 2.8 टन तंबाकू, 8.4 टन पैकिंग सामग्री, पाउच एवं लैमिनेट्स, 470 किलोग्राम कत्था पाउडर, 850 किलोग्राम ग्लिसरीन, 545 किलोग्राम एसेंस तथा 256 किलोग्राम बिना पैक किया हुआ पान मसाला शामिल है। अब तक लगभग 185 करोड़ रुपये की जीएसटी, “स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा” (एचएसएनएस) उपकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क की चोरी का पता चला है।साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया गया है कि यह पूरा कारोबार अपंजीकृत परिसरों के एक नेटवर्क के माध्यम से संचालित किया जा रहा था, जहां अघोषित मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा था। तैयार माल को लागू जीएसटी, एचएसएनएस उपकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क का भुगतान किए बिना गुप्त रूप से बाजार में निकाला जा रहा था। निर्माण फर्म के मालिक को अवैध रूप से उत्पादन एवं माल की निकासी की पूरी गतिविधि को संगठित और संचालित करने के लिए दोषी पाया गया।

मालिक को 19 अगस्त को एचएसएनएस उपकर अधिनियम, 2025 की धारा 26 और केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 की धारा 13 के तहत गिरफ्तार कर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीमा शुल्क), लखनऊ के समक्ष पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की जांच जारी है और आगे और बरामदगी होने की संभावना है।पान मसाला और तंबाकू क्षेत्र में गत फरवरी से क्षमता-आधारित उपकर एवं कर व्यवस्था लागू है। स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम, 2025 के तहत पान मसाला पर क्षमता-आधारित मासिक उपकर लागू है, जिसकी गणना स्थापित पाउच-पैकिंग मशीनों की संख्या, प्रकार और क्षमता के आधार पर की जाती है। इसी प्रकार, केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 के तहत चबाने वाले तंबाकू, जर्दा और गुटखा पर भी क्षमता-आधारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगाया जाता है।

सरकार का कहना है कि कुछ अनैतिक निर्माता अघोषित मशीनों का गुप्त रूप से इस्तेमाल कर इन करों एवं उपकरों से बचने का प्रयास करते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने इस क्षेत्र में खुफिया सूचना आधारित प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। डेटा एनालिटिक्स की विभिन्न इकाइयों द्वारा की जाने वाली समन्वित कार्रवाइयों के तहत कर चोरी और अवैध उत्पादन के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।पहली फरवरी से अब तक देशभर में डीजीजीआई की विभिन्न इकाइयों ने उत्पादन छिपाने, गुप्त रूप से माल की निकासी और लागू कर/उपकर की चोरी से जुड़े 27 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में 668 करोड़ रुपये के शुल्क, कर और उपकर की चोरी का पता चला है। जांच के दौरान 11.7 करोड़ रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा की गई है। इसके अलावा, अब तक कुल 131 पाउच-पैकिंग मशीनें जब्त की गई हैं और 17 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit