प्राथमिकी दर्ज करा दी, लगे आठ घंटे, न्याय की दिशा में सफलता का मेरा पहला कदम : राहुल

प्राथमिकी दर्ज करा दी, लगे आठ घंटे, न्याय की दिशा में सफलता का मेरा पहला कदम : राहुल

नयी दिल्ली, 21 अगस्त। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि पैलेट गन के छर्रे लगने से पीड़ित साहिल के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने में उन्हें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आठ घंटे लग गए हैं तो इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि देश के दूरदराज के क्षेत्रों की स्थिति क्या होगी, लेकिन उन्हें खुशी है कि यह न्याय की दिशा में उनकी सफलता का पहला कदम है।श्री गांधी ने पैलेट गन से पीड़ित युवक साहिल को न्याय दिलाने के लिए सुबह से यहां संसद मार्ग थाने में धरना प्रदर्शन के बाद प्राथमिकी दर्ज होने पर खुशी जताई और कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने की दिशा में उनकी सफलता का यह पहला कदम है। उन्होंने कहा कि पीड़ित साहिल के शरीर में एक महीने से छर्रे हैं, जिनमें तीन उसकी आंख में हैं और उसे दिखाई नहीं देता है। उन्होंने कहा कि तीन-चार छर्रे उसके दिल के पास भी हैं।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हम सुबह करीब 11.30 बजे पुलिस कार्यालय पहुंचे थे और शाम करीब 7.45 बजे प्राथमिकी दर्ज की गई। हमने यहां कोई गलत काम नहीं किया है। हमने सिर्फ एक हिंदुस्तानी नागरिक, उसकी मां और उसके पिता के लिए न्याय मांगा है और उसके लिए आठ घंटे लग गए। यह नयी दिल्ली के बीच में स्थित पुलिस थाना है, जहां न्याय मिलने में इतना समय लगा। सवाल है कि गांव या छोटे शहर के किसी थाने में आम लोगों के साथ क्या होता होगा।”

उन्होंने दावा करते हुए कहा “प्राथमिकी दर्ज करने की अंतिम अनुमति गृह सचिव और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के बाद मिली, तो आप समझ जाइए प्राथमिकी रोक कौन रहा था। ये बेचारे जो पुलिस वाले हैं, ये चाहते थे प्राथमिकी करना, लेकिन ऊपर से न्याय की ब्रेक लगी हुई है।”

श्री गांधी ने प्राथमिकी दर्ज होने को न्याय की लड़ाई की शुरुआत बताया और कहा कि यह छात्रों को न्याय दिलाने में सफलता का उनका पहला कदम है।पैलेट गन से घायल साहिल ने कहा, “श्री गांधी के साथ होने के बावजूद मेरी शिकायत दर्ज कराने में आठ घंटे लग गए। हम 14 अगस्त से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रयास कर रहे थे। मेरे शरीर में करीब 200 छर्रे हैं। शायद यह प्राथमिकी ली भी नहीं जाती, अगर विपक्ष के नेता मेरा साथ नहीं देते। मैं 14 अगस्त से प्राथमिकी के लिए घूम रहा हूं।”साहिल ने कहा कि श्री राहुल गांधी के साथ आने के बाद उसे विश्वास हुआ कि शिकायत दर्ज होगी। उसने देश के छात्रों से कहा कि उन्हें विश्वास रखना चाहिए और उनकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता। उसने कहा कि संघर्ष की जीत हुई है और यह न्याय की तरफ एक और कदम है। साहिल ने एम्स के डॉक्टरों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इलाज के दौरान उन्होंने उसका हौसला बढ़ाया। उसने भारतीय जनता का भी आभार जताया और कहा कि जब वह अस्पताल में था, तब लोगों ने उसके लिए दुआ की।श्री गांधी इससे पहले सुबह यहां संसद मार्ग स्थित थाने पहुंचे, जहां उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। इसके बाद वह डीसीपी कार्यालय पहुंचे और वहां भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। साहिल ने बताया कि 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत का जांच अधिकारी का नंबर और पावती नहीं दी। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के माध्यम से भी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।श्री गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि वह साहिल लोचब के साथ उसके खिलाफ हुई पुलिस बर्बरता के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने संसद मार्ग के डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे उसकी एक आंख की रोशनी खतरे में है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता को गंभीर अपराध बताया। इस घटना के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई नहीं दी और न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे माफी मांगी। उन्होंने श्री शाह से सवाल किया कि वह न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साहिल न्याय के लिए प्राथमिकी दर्ज कराना चाहता है, लेकिन उसे भी नहीं करने दिया जा रहा है।श्री गांधी ने कहा, “प्राथमिकी होगी। न्यायिक जांच होगी और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी। साहिल और उसके जैसे हर पीड़ित छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।”धरना स्थल पर श्री गांधी के साथ साहिल, उसके पिता दीपक और मां ज्योति के अलावा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, कुमारी सैलजा, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद, रणदीप सिंह सुरजेवाला, जयराम रमेश और हरीश रावत सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।मीडिया से बातचीत में श्री गांधी ने कहा कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के उनके पास पुख्ता प्रमाण हैं। उन्होंने साहिल के शरीर पर लगे छर्रे दिखाते हुए कहा कि तीन छर्रे उसकी आंख में हैं। उन्होंने कहा कि लेडी हार्डिंग अस्पताल की रिपोर्ट में भी उसके शरीर में छर्रे होने की बात दर्ज है।उन्होंने कहा कि इन छर्रों के कारण साहिल की एक आंख की रोशनी चली गई है और उसके दिल के पास भी छर्रे हैं, जिन्हें छुआ नहीं जा सकता। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे में सवाल है कि यदि पुलिस ने नहीं चलाया तो किसी और ने छर्रे चलाए होंगे और यदि किसी और ने भी छर्रे चलाए हैं तो भी अपराध हुआ है।श्री गांधी ने कहा कि देश में हजारों लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं। महिलाओं के साथ दुष्कर्म और गरीबों के साथ अपराध होते हैं तथा नयी दिल्ली के कनॉट प्लेस में पैलेट गन चलाई गई है। उन्होंने कहा कि वह इस परिवार के लिए न्याय मांग रहे हैं और प्राथमिकी दर्ज होने तक यहां से नहीं जाएंगे।इस बीच साहिल ने कहा कि 20 जुलाई को उस पर पैलेट गन से गोली चलाई गई थी। उसे लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से एम्स रेफर किया गया। एम्स में उसकी सर्जरी हुई, लेकिन उसकी आंख की रोशनी अभी भी स्पष्ट नहीं है। उसने 14 अगस्त को सात पन्नों की शिकायत अपने वकील के माध्यम से दी थी, लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी।कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा, “प्राथमिकी दर्ज करवाना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। पैलेट गन की गोली से पीड़ित युवक इतने दिनों से भटक रहा है और उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो रही थी। इसलिए राहुल गांधी उसकी प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए यहां आए। आप देखिए कि लोकतंत्र की कितनी हत्या हो रही है कि एक आम नागरिक के अधिकारों के लिए भी विपक्ष के नेता को उसकी प्राथमिकी दर्ज करवाने को आना पड़ रहा है।”

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