
काहिरा, 21 अगस्त। मिस्र ने सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे में फंसे उन आठ नाविकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए राजनयिक और कूटनीतिक प्रयास तेज किये हैं जिन्हें मई में सोमालिया के तट पर एक तेल टैंकर को अगवा करने के बाद बंधक बना लिया था।
मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलती ने अल अरबिया टीवी से बात करते हुए कहा कि विदेशों में मिस्र के नागरिकों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी के निर्देशों के अनुसार नाविकों को छुड़ाने के लिए बातचीत और कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि वह रोजाना इस मामले पर नजर रख रहे हैं और मंगलवार को उन्होंने सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अब्दी अली से बात की। उन्होंने कहा कि सोमाली अधिकारी उस इलाके की स्थानीय जनजातियों के साथ अपने मजबूत संबंधों का इस्तेमाल कर रहे हैं जहां जहाज को रखा गया है, ताकि नाविकों को छुड़ाने में मदद मिल सके और वे अपहरणकर्ताओं के साथ रोजाना संपर्क बनाए हुए हैं।
श्री अब्देलत्ती ने यह भी कहा कि मिस्र यमन के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के संपर्क में है क्योंकि जहाज का मालिक यमन का नागरिक है। उन्होंने बताया कि यमनी अधिकारी भी जहाज के मालिक के साथ रोजाना बातचीत कर रहे हैं। श्री अब्देलत्ती ने कहा, “हम तब तक अपनी कोशिशें जारी रखेंगे जब तक नाविक सुरक्षित रूप से रिहा होकर घर नहीं लौट आते।” उन्होंने जनवरी से ईरानी तट पर हिरासत में लिए गये चार नाविकों की रिहाई और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में मिस्र की हालिया सफलता का भी जिक्र किया।
गौरतलब है कि यह ताजा संकट मई की शुरुआत में शुरू हुआ, जब सोमाली समुद्री लुटेरों ने एमटी यूरेका जहाज को यमन के समुद्री इलाके से निकलने के बाद अगवा कर लिया और उसे पुंटलैंड के पास सोमालिया के समुद्री इलाके की ओर ले गये। टोगो के झंडे वाला यह जहाज तब से सोमालिया के तट पर ही है। इसके 12 सदस्यों वाले क्रू में से आठ मिस्र के नागरिक हैं।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अपहरण के बाद कहा कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और उसने नाविकों और उनके परिवारों के बीच बातचीत की सुविधा दी है। मंत्रालय के वाणिज्य दूतावास विभाग ने बंधकों की रिहाई की कोशिशों के बारे में जानकारी देने के लिए उनके रिश्तेदारों के साथ नियमित बैठकें भी कीं।
मोगादिशु में मिस्र का दूतावास सोमाली अधिकारियों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठा रहा है, जबकि रियाद में उसका दूतावास, जो यमन के लिए भी अधिकृत है, यमनी अधिकारियों और जहाज के मालिक के साथ काम कर रहा है। फिरौती को लेकर हुए विवादों के कारण बातचीत मुश्किल हो गयी है। बताया जाता है कि समुद्री लुटेरों द्वारा अपनी मांगें बढ़ाने के बाद बातचीत टूट गयी, जिससे समझौता करने की पिछली कोशिश नाकाम हो गयी थी।
लंबे समय से चल रहे बंधक संकट ने हॉर्न ऑफ अफ्रीका और गल्फ ऑफ एडेन में समुद्री डकैती को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। यह एक अहम समुद्री रास्ता है जो लाल सागर और स्वेज नहर को दुनिया के बड़े व्यापारिक मार्गों से जोड़ता है।