
पेरिस, 22 अगस्त। फ्रांस यूक्रेन को और इंटरसेप्टर मिसाइलें देने के साथ ही फ्रांसीसी सैन्य उपकरणों की आपूर्ति में तेज़ी लायेगा।फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को कहा कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से बात की है। उन्होंने मध्य यूक्रेन के इस शहर में एक शॉपिंग सेंटर पर रूस के दोहरे हमले का ज़िक्र करते हुए नागरिकों की मौत पर दुख और चिंता जताई।
श्री मैक्रों ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, “यूक्रेन को हवाई क्षेत्र की रक्षा करने और इस हमले को नाकाम करने के लिए सभी ज़रूरी साधन उपलब्ध कराना बहुत ज़रूरी है।”यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि रूसी सेना ने शुक्रवार को क्रिवी रिह पर दो बार ड्रोन हमले किए, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गयी और 130 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 23 बच्चे भी शामिल हैं।
श्री मैक्रों ने कहा कि फ्रांस अतिरिक्त इंटरसेप्टर तैनात करके और एंटी-मिसाइल गठबंधन के साथ सहयोग जारी रखकर यूक्रेन को सैन्य सहायता मज़बूत करेगा। उन्होंने संबंधित हवाई-रक्षा क्षमता वाले अन्य देशों से भी इस प्रयास में योगदान देने का आग्रह किया।
श्री ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने और श्री मैक्रों ने लगभग दो घंटे तक बातचीत की, जिसमें यूक्रेन की वायु रक्षा ज़रूरतों, सैन्य वित्त पोषण, कूटनीतिक कोशिशों और अमेरिका के साथ तालमेल पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “हम फ़्रांस के नये उपकरण और मिसाइलों की आपूर्ति तेज़ करने पर सहमत हुए।” उन्होंने मिसाइलों के उत्पादन के लिए लाइसेंस देने की फ़्रांस की तैयारी की पुष्टि करने के लिए श्री मैक्रों का शुक्रिया भी अदा किया। इस कदम से यूक्रेन की घरेलू स्तर पर रक्षा उपकरण बनाने की क्षमता बढ़ सकती है।श्री ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को पैट्रियट एयर-डिफेंस सिस्टम के लिए और मिसाइलों की भी ज़रूरत है और उन्होंने श्री मैक्रों की उस इच्छा का स्वागत किया जिसमें वे उन देशों से बातचीत में मदद करने को तैयार हैं जिनके पास ज़रूरी इंटरसेप्टर हैं। इस बीच, यूक्रेन ने रूसी ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले जारी रखे। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने रूस के समारा इलाक़े में नोवोकुइबिशेव्स्क तेल शोधशाला और एक लॉजिस्टिक्स केंद्र के साथ-साथ काला सागर में भी ठिकानों पर हमले किये।
यूक्रेन ने रूस के सैन्य लॉजिस्टिक्स को बाधित करने और युद्ध में मदद करने वाली कमाई को कम करने के अपने अभियान के तहत रूसी तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचा को निशाना बनाया है।श्री मैक्रों ने रूस पर आतंक के ज़रिए यूक्रेन को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि यूरोपीय देशों को रूस पर दबाव बढ़ाना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “रूस आतंक के ज़रिए यूक्रेन को तोड़ने की कोशिश कर रहा है। वह सफल नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि फ़्रांस अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा में यूक्रेन के साथ एकजुट रहेगा। फ़्रांस के राष्ट्रपति और यूक्रेन के राष्ट्रपति ने सोमवार को होने वाली “कोएलिशन ऑफ़ द विलिंग” की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा की, जिसमें कूटनीतिक कोशिशों, यूक्रेन की भविष्य की सुरक्षा गारंटी और लगातार सैन्य मदद पर ध्यान केंद्रित किये जाने की उम्मीद है।