ओमानी पायलट के कब्जे में आने के बाद फ्लाईदुबई विमान को मार गिराने की तैयारी में था इजरायल : रिपोर्ट

ओमानी पायलट के कब्जे में आने के बाद फ्लाईदुबई विमान को मार गिराने की तैयारी में था इजरायल : रिपोर्ट

यरुशलम, 06 अक्टूबर। फ्लाईदुबई के यात्री विमान में जब ओमानी सह-पायलट ने विमान के भारतीय कप्तान पर हमला किया और विमान करीब 14,000 फुट नीचे आ गया तो इजरायल ने विमान को मार गिराने की योजना के तहत लड़ाकू विमानों को भेज दिया था। सीबीएस न्यूज के हवाले से इजरायली सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार, संभावित विमान अपहरण या 9/11 जैसी घटना से निपटने के लिए पहले से गठित समिति की बैठक बुलायी गयी और कमांड सेंटर सक्रिय कर दिया गया। हालांकि, फ्लाइट 1073 के सऊदी अरब की ओर मुड़ने और आपातकालीन लैंडिंग के लिए आगे बढ़ने के बाद इजरायली लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया गया। उस समय विमान इजरायल से करीब 400 मील दूर था और सऊदी अरब ने भी अपने लड़ाकू विमान भेजे थे।

सूत्रों ने बताया कि प्रोटोकॉल के तहत यदि विमान इजरायल की ओर बढ़ता रहता और एक निर्धारित दूरी के भीतर आ जाता तो इजरायली लड़ाकू विमान जांच के लिए जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर सकते थे। यदि अधिकारियों को विमान के अपहरण की पुष्टि होती और अपहरणकर्ता बिना किसी मांग के चुप रहते, तो रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाता। विमान को मार गिराने की अनुमति केवल प्रधानमंत्री दे सकते थे।

सूत्रों के अनुसार, इस तरह का निर्णय विमान को बेन गुरियन हवाई अड्डे, तेल अवीव की अज़रीली टावर्स या किसी अन्य महत्वपूर्ण ठिकाने से टकराने देने की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता। घटना उस समय शुरू हुई जब ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने इजरायल के निकट पहुंच रहे विमान के भारतीय कप्तान स्मितमच्छार पर हमला कर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। श्री मच्छार ने उसका सामना करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और फ्लाईदुबई कर्मियों ने अल-हमामी को काबू कर लिया। विमान में यात्रा कर रहे दो पायलटों ने बाद में नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ दिया, जहां उसकी आपातकालीन लैंडिंग करायी गयी।

जांच से परिचित दो इजरायली अधिकारियों के अनुसार, अल-हमामी ने संयुक्त अरब अमीरात के पूछताछकर्ताओं को बताया कि उसने दुबई स्थित एयरलाइन में नौकरी मिलने से पहले ही इजरायलियों से भरे विमान को निशाना बनाने की योजना बनायी थी। जांच से जुड़े एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि उसकी योजना विमान को बेन गुरियन हवाई अड्डे से टकराने की थी। सूत्र के अनुसार, उसने इस वर्ष की शुरुआत में तेल अवीव की एक उड़ान भी संचालित की थी और उस विमान को अगवा कर दुर्घटनाग्रस्त करने का इरादा किया था, लेकिन बाद में योजना छोड़ दी।

सूत्र ने कहा कि पहले की योजना छोड़ने का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं है, हालांकि माना जाता है कि अल-हमामी विमान में सवार किसी व्यक्ति को जानता था। सीबीएस न्यूज के हवाले से सूत्रों ने बताया कि इजरायल की प्रारंभिक जांच में इस घटना को संभवतः अकेले व्यक्ति द्वारा किया गया हमला माना गया है, हालांकि जांचकर्ता अन्य संभावनाओं की भी पड़ताल कर रहे हैं।

‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ के अनुसार, शिनबेट के जांचकर्ता अल-हमामी से पूछताछ में शामिल होने के लिए संयुक्त अरब अमीरात पहुंच चुके हैं। इजरायली अधिकारियों ने रिपोर्ट के प्रकाशन को मंजूरी दी है, हालांकि शिनबेट ने फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार किया है। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, अल-हमामी ने तेल अवीव के लिए उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइनों की तलाश करने के बाद फ्लाईदुबई में पायलट के लिए आवेदन किया था।

इजरायल को संयुक्त अरब अमीरात से जांच के संबंध में नियमित जानकारी मिल रही है और अधिकारी उसके मकसद तथा यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने अकेले यह कार्रवाई की या किसी अन्य के साथ मिलकर।

चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारियों को फ्लाइट 1073 के चालक दल के अन्य सदस्यों के इसमें शामिल होने का विश्वास नहीं है। कुछ यात्रियों की ओर से चालक दल के व्यवहार को लेकर चिंता जताये जाने के बाद इजरायल के अनुरोध पर चालक दल से संयुक्त अरब अमीरात में पूछताछ की गयी। अमीराती जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि चालक दल के सदस्य हमले में शामिल नहीं थे, जिसे इजरायल ने भी स्वीकार कर लिया।

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