
नयी दिल्ली, 23 अगस्त । कांग्रेस ने कहा है कि देश के युवाओं को खोखले नारों की नहीं, बल्कि पक्की नौकरी, सस्ती शिक्षा और बेहतर प्रशिक्षण के अवसरों की जरूरत है।पार्टी ने नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि देश के युवाओं के सामने रोजगार और शिक्षा का गंभीर संकट है। पार्टी ने नीति आयोग के हवाले छपी एक अखबार में छपी खबर की कतरन भी दी है जिसमें इन आंकड़ों का व्यापक विवरण दिया गया है।
कांग्रेस के अनुसार, 15 से 29 वर्ष की आयु के करीब 8.7 करोड़ युवा न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी तरह का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पार्टी ने कहा है कि यह आंकड़ा युवाओं की खराब होती आर्थिक स्थिति और रोजगार के अवसरों की कमी को दर्शाता है।पार्टी ने कहा कि महंगी शिक्षा, ट्यूशन फीस और बढ़ती महंगाई के कारण बड़ी संख्या में युवा शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो रहे हैं। वहीं, उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
कांग्रेस ने दावा किया है कि देश में केवल 8.25 प्रतिशत स्नातकों को ही उनकी योग्यता के अनुरूप काम मिल पा रहा है। पार्टी ने कहा कि ऐसे हालात में ‘स्किल इंडिया’ और रोजगार के बड़े-बड़े दावों की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जब करोड़ों युवा शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से बाहर हों तो ‘विकसित भारत’ का सपना केवल नारे तक सीमित रह जाता है। पार्टी ने सरकार से युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर पैदा करने और शिक्षा को आम लोगों की पहुंच में लाने की मांग की।पार्टी ने कहा, “युवाओं को खोखले नारे नहीं, पक्की नौकरी और सस्ती शिक्षा चाहिए।” कांग्रेस ने सरकार के रोजगार और शिक्षा संबंधी दावों पर सवाल खड़े किए है।