
नैनीताल, 23 अगस्त । उत्तराखंड के लिपूलेख दर्रे से होकर गुजरने वाली ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर है। यात्रा का दसवां और अंतिम दल रविवार को वापस भारत के पिथौरागढ़ स्थित धारचूला लौट आया है।कुमाऊं मंडल विकास निगम के यात्राधिकारी धन सिंह रावत ने बताया कि दसवें और अंतिम दल ने आज सुबह भारत में प्रवेश किया और शाम तक दल सीधे धारचूला पहुंच गया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की यात्रा पूरी तरह सफल रही और सभी श्रद्धालु दर्शन कर सकुशल भारत लौटे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष 12 जून से शुरू हुई इस यात्रा में केवल 10 दल ही कैलाश मानसरोवर जा पाये। इसके तहत कुल 477 श्रद्धालु कैलाश दर्शन के लिए गये, जिनमें 323 पुरुष और 154 महिलाएं शामिल थीं।आज यह यात्री दल पिथौरागढ़ जिले के धारचूला स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह में ठहरा है। दल सोमवार सुबह चौकोड़ी के लिए प्रस्थान करेगा और वहां से दिल्ली पहुंचेगा।
कोविड-19 के बाद भारत और चीन के बीच यह यात्रा पहली बार आयोजित की गयी, इसलिए इस बार केवल 10 दल ही दर्शन के लिए जा सके। इस दौरान यात्रा पर भारी बरसात का असर भी देखा गया और जगह-जगह भूस्खलन के कारण यात्रा मामूली रूप से प्रभावित हुई।यात्रा का समापन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से दिल्ली में किया जायेगा।