
लखनऊ, 25 अगस्त। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ”विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं।”पार्क रोड स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में श्री राजभर ने कहा कि श्री यादव ने ‘पीडीए’ बनाया लेकिन जरूरत के मुताबिक उसका नाम बदलते रहते हैं।
कार्यक्रम में ग्लोबल कहार संगठन के 247 लोगों ने सुभासपा की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी के मुताबिक इनमें न्यायपालिका और नौकरशाही से जुड़े लोग भी शामिल हैं। श्री राजभर ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर पार्टी आधी रात को भी उनके साथ खड़ी मिलेगी।उन्होंने श्री यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ”एसी-पीसी वाले नेता” हैं और उनका गरीबों से कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा, ”चवन्नी को रुपया बना रहे हैं। हम उन्हें समझा देंगे कि आप जहां से चले थे, वहीं रह जाएंगे।”
उन्होंने सपा अध्यक्ष पर ”मानसिक संतुलन बिगड़ने” का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपने पिता मुलायम सिंह यादव का इतिहास पढ़ना चाहिए। श्री राजभर ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने ही श्री मुलायम सिंह यादव को नेता बनाया था।उन्होंने कहा, ”अब जिन्होंने आपको नेता बनाया, उन्हें चवन्नी बता रहे हैं और खुद को रुपया समझ रहे हैं। इतिहास पढ़कर बात करो।” सीटों के बंटवारे के सवाल पर श्री राजभर ने कहा कि सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, ”झगड़ा सीटों का नहीं, गरीबों और वंचितों को न्याय दिलाने का है।”
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 से उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत आरक्षण मिल रहा है लेकिन समाजवादी पार्टी का कोई नेता सामाजिक न्याय के सिद्धांतों की बात नहीं करता।स्कूलों में हिजाब के मुद्दे पर उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए श्री राजभर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय के अपने ड्रेस कोड का पालन करना होगा। उन्होंने कहा, ”कानून का राज है, कानून सबको मानना पड़ेगा।”
श्री राजभर ने आरोप लगाया कि एक मौलाना ने भगवान कृष्ण को लेकर टिप्पणी की थी लेकिन अखिलेश यादव ने उस पर एक बार भी आवाज नहीं उठाई, जबकि वह खुद को कृष्ण का वंशज बताते हैं।आरक्षण समाप्त किए जाने के सवाल पर श्री राजभर ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों ने दावा किया था कि भाजपा की सरकार बनी तो आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ”ये सत्ता जाने से पागल हैं, कुछ भी बोल देते हैं।”
महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि महंगाई के साथ संसाधनों में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले लोग कच्चे मकानों में रहते थे और बिजली चार-पांच घंटे आती थी, जबकि अब 18 घंटे बिजली मिल रही है।सुभासपा अध्यक्ष ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को बिना ब्याज के पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, किसानों को सम्मान निधि मिल रही है और गरीबों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-पानी के लिए सालाना छह हजार रुपये भी दिए जा रहे हैं। उन्हाेंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अयोध्या में कथित मछली भोज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मछली ज्यादातर सनातनी खाते हैं लेकिन सावन के महीने में नहीं खाते। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोग अयोध्या में मछली भोज कर सनातनियों का अपमान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के लोग यह स्वीकार करते हैं कि उन्होंने मछली नहीं खाई तो अच्छी बात है लेकिन सवाल यह है कि वे वहां गए क्यों थे।श्री राजभर ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के इस बयान की सराहना की कि ”निषाद समाज के लोग मछली-भात खाते हैं।” उन्होंने कहा कि संजय निषाद अच्छी बात कर रहे हैं और ”रात-दिन पानी में ही रहते हैं।”