
नयी दिल्ली 25 अगस्त । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की पहली शर्त मजबूत आंतरिक सुरक्षा है।
श्री शाह ने मंगलवार को यहां आसूचना ब्यूरो के ‘राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आंतरिक सुरक्षा के तीनों हॉटस्पॉट नारकोटिक्स, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर की चुनौतियों को समाप्त किया गया है, जिसका श्रेय राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय पुलिस बलों को जाता है।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में अगले 15-20 वर्षों के रुझानों का आकलन कर संभावित समस्याओं की पहचान और उन्हें रोकने की रणनीति तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष में तीनों न्याय संहिताओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन होगा, जिससे तीन साल के भीतर आपराधिक मामलों का उच्चतम न्यायालय तक निपटारा और दोषसिद्धि दर में 25 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य है।
श्री शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को बहुत कम समय में घुसपैठिया मुक्त बनाना है। उन्होंने घुसपैठियों को देश की सुरक्षा, अर्थतंत्र और जनसांख्यिकी के लिए खतरा बताया। उन्होंने आतंकवाद के संपूर्ण उन्मूलन के लिए ‘प्रहार’ को रोजमर्रा की कार्रवाई में बदलने और 360 डिग्री आतंकवादी नेटवर्क को समाप्त करने का आह्वान किया।
गृह मंत्री ने राज्यों से नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 को जमीन पर उतारने और ‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ के तीन ‘डी’ पर काम करने को कहा। उन्होंने एकीकृत डेटा बैंक का इस्तेमाल कर ‘ए आई’ के जरिए डेटा विश्लेषण और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी विकसित करने पर भी जोर दिया।