
कानपुर, 26 अगस्त । कानपुर के लक्ष्मीपत सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में अत्याधुनिक नई कैथ लैब पूरी तरह से क्रियाशील हो गई है। नई सुविधा के शुरू होने से हृदय रोगियों को एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. आरके वर्मा और डॉ. अवधेश शर्मा के अनुसार, नई कैथ लैब के संचालन से मरीजों को बेहतर और समयबद्ध हृदय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। खासतौर पर ऐसे मरीजों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण है, जिन्हें हृदय की धमनियों में रुकावट की तत्काल जांच अथवा इंटरवेंशनल उपचार की आवश्यकता होती है।
डा शर्मा ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस नई कैथ लैब में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियायें अधिक सुगमता से की जा सकेंगी। उन्होने कहा कि संस्थान में हर रोज 100 से अधिक एंजियोग्राफी की जाती है। नई कैथ लैब की स्थापना से इसमें तेजी आयेगी जिसका सीधा लाभ हृदयरोगियों को मिलेगा। एंजियोग्राफी के माध्यम से हृदय की रक्त वाहिकाओं में मौजूद ब्लॉकेज की स्थिति का पता लगाया जाता है, जबकि आवश्यकता होने पर एंजियोप्लास्टी के जरिए अवरुद्ध या संकुचित धमनी को खोलकर रक्त प्रवाह बेहतर करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामलों में समय पर जांच और उपचार मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।उन्होने बताया कि नई कैथ लैब शुरू होने से विशेष रूप से गंभीर हृदय रोगियों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। संस्थान में बड़ी संख्या में कानपुर के अलावा आसपास के जिलों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कैथ लैब की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होने से एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए मरीजों की प्रतीक्षा कम करने तथा उपचार क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे उन मरीजों को विशेष राहत मिल सकती है, जिनकी स्थिति को देखते हुए जांच या प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं की जा सकती।
नई कैथ लैब का संचालन संस्थान की कार्डियक उपचार सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अधिक मरीजों को आवश्यक कार्डियक प्रक्रियाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और गंभीर हृदय रोगियों के उपचार की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाया जा सकेगा।गौरतलब है कि कानपुर कार्डियोलॉजी उत्तर प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शामिल है जहां ओपीडी में हर रोज 400 से 500 मरीज इलाज के लिये आते हैं जिनमें कानपुर के अलावा आसपास के कई जिलों के गंभीर मरीज शामिल हैं। नई कैथ लैब शुरू होने का लाभ कानपुर के अलावा आसपास के जिलों से आने वाले हृदय रोगियों को भी मिलने की उम्मीद है। इससे मरीजों को समय पर कार्डियक जांच और उपचार उपलब्ध कराने में संस्थान की क्षमता और मजबूत होगी।
प्रदीपवार्ता