
लखनऊ, 26 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचे का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सार्वजनिक ईवी चार्जिंग ढांचे के मामले में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या से संकेत मिलता है कि प्रदेश में लोग पेट्रोल-डीजल से चलने वाले पारंपरिक वाहनों के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपना रहे हैं। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने के साथ पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल रही है।
विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों समेत अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से जीवाश्म ईंधन की खपत कम करने और वैकल्पिक एवं टिकाऊ ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।यूपीनेडा के निदेशक रविंदर सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चार्जिंग केंद्रों की उपलब्धता बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी सुविधा मिल रही है और ईवी अपनाने को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख शहरों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार की नीतियों और चार्जिंग ढांचे के विकास से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी मजबूती मिल रही है।
आने वाले समय में चार्जिंग सुविधाओं के और विस्तार तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता से प्रदेश में हरित परिवहन का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।
सार्वजनिक ईवी चार्जिंग ढांचे में देश में तीसरा स्थान और 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
यह बदलाव परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।