
नयी दिल्ली 26 अगस्त। भारत और चीन ने सीमा पर शांति, प्रबंधन और सीमा वार्ता के लिए आठ सूत्री रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की है।विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों के बीच मंगलवार को बीजिंग में सीमा से संबंधित मुद्दों को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं दौर की वार्ता हुई । बैठक में चीन के विशेष प्रतिनिधि एवं विदेश मंत्री वांग यी और भारत के विशेष प्रतिनिधि एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने स्पष्ट और गहन विचार-विमर्श किया तथा दोनों देशों के बीच आठ सूत्री रूपरेखा पर सहमति बनीं।
दोनों पक्षों ने अपने शीर्ष नेताओं के मार्गदर्शन का पालन करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा द्विपक्षीय संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास के लिए माहौल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत-चीन सीमा प्रश्न के समाधान के लिए 2005 में हस्ताक्षरित राजनीतिक मानदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों संबंधी समझौते तथा बाद की विशेष प्रतिनिधियों की वार्ताओं में बनी सहमति के अनुरूप निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य सीमा समाधान के लिए रूपरेखा पर वार्ता आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। सीमा निर्धारण पर विशेषज्ञ समूह और सीमा प्रबंधन पर कार्य समूह क्रमशः सीमा निर्धारण और सीमा प्रबंधन के संबंध में शीघ्र और ठोस प्रगति के लिए चर्चा आगे बढ़ाएंगे तथा दोनों समूहों का पहला कार्य अपने-अपने कार्यक्षेत्र की शर्तों पर सहमति बनाना होगा।दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलतफहमी और स्थितियों के गलत आकलन से बचने तथा लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए डब्ल्यूएमसीसी, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकों और अन्य सहमत तंत्रों सहित मौजूदा राजनयिक और सैन्य माध्यमों से जमीन पर उत्पन्न किसी भी स्थिति का तुरंत समाधान करने पर सहमति जताई।
वास्तविक नियंत्रण रेखा के उपयुक्त क्षेत्रों की समझ बेहतर बनाने और सीमा प्रबंधन सुधारने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। जनरल के स्तर की व्यवस्था या वरिष्ठतम सैन्य कमांडर बैठक के लिए दो अतिरिक्त बैठक बिंदुओं तथा पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में सीमा सैन्य हॉटलाइन के दो अतिरिक्त माध्यमों पर भी सहमति बनी। दोनों पक्षों ने सीमा-पार सहयोग में हुई प्रगति का उल्लेख किया।भारत ने चीन द्वारा चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भारतीय आधिकारिक कैलाश-मानसरोवर यात्रा के बैचों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। दोनों पक्षों ने तीन निर्धारित सीमा व्यापार बिंदुओं को फिर से खोलने का स्वागत किया और सीमा व्यापार, तीर्थयात्रा तथा अन्य क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में संवाद, शांति, परामर्श और सहयोग का वातावरण बनाया जा सके। सीमा-पार नदियों पर भारत-चीन विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र की अगली बैठक सितंबर में आयोजित करने तथा जल संबंधी आंकड़ों को साझा करने और संबंधित समझौता ज्ञापनों के नवीनीकरण सहित मुद्दों पर संवाद बनाए रखने पर सहमति बनी।
विशेष प्रतिनिधियों की 26वीं दौर की वार्ता अगले वर्ष भारत में होगी।