
कानपुर नगर, 27 अगस्त। कानपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक जरूरतमंद छात्रा की मदद कर भाई का फर्ज निभाया। जनता दर्शन के दौरान अपनी मां के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची कक्षा 12 की छात्रा इशु यादव ने जिलाधिकारी को राखी बांधी। इसके बाद जिलाधिकारी ने उसकी बकाया फीस जमा कराने के साथ स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल दिलाई और उसे अन्य उपहार भी दिए।नौबस्ता के आवास विकास हंसपुरम निवासी ललिता यादव के पति प्रागी लाल यादव की वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दोनों बेटे अलग रहते हैं। ललिता ने बताया कि उन्हें बेटों से आर्थिक सहायता नहीं मिलती। वह घरों में चौका-बर्तन कर परिवार का खर्च चलाने के साथ अपनी बेटी इशु की पढ़ाई का खर्च भी उठा रही हैं।
पढ़ाई में मेधावी इशु नौबस्ता स्थित केपी वाईजन सहयोगी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा है। आर्थिक तंगी के कारण कई महीनों से उसकी स्कूल फीस जमा नहीं हो सकी थी और करीब 29 हजार रुपये बकाया हो गए थे। बेटी की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसी चिंता में ललिता ने जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई थी।जनता दर्शन के दौरान मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से बात की। उन्होंने बकाया फीस की आधी रकम स्वयं जमा कराई, जबकि शेष आधी फीस प्रधानाचार्य से बातचीत कर माफ करा दी।
रक्षाबंधन पर इशु ने जिलाधिकारी से राखी बांधने की इच्छा जताई, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। इशु ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद जिलाधिकारी ने भी भाई का फर्ज निभाते हुए उसकी पढ़ाई में मदद की और स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल खरीदवाकर दी। गुरुवार को ही इशु को साइकिल मिल गई और वह उसी से स्कूल से अपने घर लौटी।जिलाधिकारी ने इशु से उसकी पढ़ाई और स्कूल आने-जाने के बारे में भी जानकारी ली। छात्रा ने बताया कि उसके घर से स्कूल की दूरी करीब दो किलोमीटर है और आने-जाने में काफी समय लगता है। इस पर जिलाधिकारी ने उसके लिए साइकिल की व्यवस्था कराई।
इशु ने जिलाधिकारी से बातचीत के दौरान अपना सपना भी साझा किया। उसने कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगी और आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनना चाहती है। अधिकारी बनने के बाद वह भी लोगों की समस्याएं सुनेगी और जरूरतमंदों की मदद करेगी।जिलाधिकारी ने छात्रा का हौसला बढ़ाते हुए उसे पूरी लगन से पढ़ाई करने और आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने डिप्टी कलेक्टर ज्योति शर्मा को इशु की मेंटरिंग की जिम्मेदारी भी सौंपी। वह छात्रा को आगे की पढ़ाई में मार्गदर्शन देने के साथ जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगी।