
फर्रुखाबाद, 27 अगस्त। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी गुरुवार शाम चार बजे खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी। नदी का जलस्तर बढ़ने से जिले के करीब 70 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कादरी गेट थाना क्षेत्र स्थित पांचाल घाट पर गुरुवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से पांच सेंटीमीटर अधिक है। नरौरा बैराज से 1,10,176 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि रामगंगा नदी का खतरे का निशान 137.10 मीटर है। गुरुवार को इसका जलस्तर 136.05 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से नीचे है। रामगंगा में खो, हरेली और रामनगर बैराज से कुल 13,380 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में बढ़े जलस्तर के कारण शेरापुरा, सराय मजरा कुंडपुरा और तौफीक की मड़ैया में तेजी से कटान शुरू हो गया है। कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।प्रवक्ता ने बताया कि बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग पर अमृतपुर तहसील क्षेत्र में चित्रकूट गांव के समीप सड़क डिवाइडर के ऊपर करीब तीन फीट ऊंची धार से पानी बहने के कारण यातायात बंद कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य मार्गों के भी जलमग्न होने से बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।