नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए योगी सरकार ने संभाला मोर्चा

नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए योगी सरकार ने संभाला मोर्चा

लखनऊ, 27 अगस्त । नेपाल में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न संकट के बीच उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ और पीएसी के जवानों को भेजा गया है।मुख्यमंत्री स्वयं राहत-बचाव की तैयारियों और सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल में राहत-बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ की एक टुकड़ी भेजी गई है। इसमें 32 जवान शामिल हैं। इसके साथ ही पीएसी की 26वीं बटालियन के 22 जवानों को भी नेपाल भेजा गया है।

सरकार ने स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त जवानों और बचाव उपकरणों की व्यवस्था भी तैयार रखी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव कार्य का विस्तार किया जा सके।बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर निकालने के लिए चार रबर बोट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा अतिरिक्त एसडीआरएफ दल के साथ एल्युमिनियम बोट भी नेपाल भेजी जा रही है। सिंधुरिया क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार नेपाल में बाढ़ की स्थिति और सीमावर्ती जिलों में इसके प्रभाव की लगातार निगरानी कर रही है। राहत आयुक्त कार्यालय के नियंत्रण कक्ष से स्थिति की नियमित जानकारी ली जा रही है और आवश्यकता के अनुसार संबंधित जिलों के प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों तक तत्काल मदद पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत-बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने और जरूरत के मुताबिक सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों को आवश्यक सूचना एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी सक्रिय है। नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों के परिजन किसी भी जानकारी या सहायता के लिए राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।

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